बरेली। नगर निगम मे दुकानों का किराया 700 रुपये से बढ़ाकर 14 हजार रुपये तक कर दिया गया। इसे लेकर गुस्साए व्यापारियों ने बुधवार को बड़ी संख्या मे नगर निगम कार्यालय के परिसर में पहुंच कर जमकर विरोध प्रदर्शन कार हंगामा किए। कई घंटों तक चलता रहा। इस दौरान सत्ता और विपक्ष के पार्षद भी व्यापारियों का समर्थन करते दिखाई दिए। प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी हुई और अधिकारियों के खिलाफ आक्रोश जताया। कई व्यापारियों के फोन पहुंचने पर सांसद छत्रपाल गंगवार और मेयर डा. उमेश गौतम ने मौके पर पहुंच कर समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद ही व्यापारी शांत हुए। काफी समय से दुकानों के किराए और प्रीमियम दरों को लेकर नगर निगम और व्यापारी आमने सामने है। बुधवार को ये मामला आक्रोश में तब्दील हो गया। कई पार्षद, व्यापारी नगर निगम पहुंचे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मेयर, नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर तमाम दुकादार धरने पर बैठ गए। व्यापारियों का आरोप है कि बिना सहमति के किराया कई गुना बढ़ा दिया गया, जो गलत है। उनका कहना है कि पहले 700 रुपये मासिक किराया था, जिसे 14 हजार कर दिया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पार्षद राजेश अग्रवाल ने टैक्स कमेटी पर व्यापारियों की अनदेखी का आरोप लगाया। पूर्व उपसभापति अतुल कपूर ने कहा कि नगर निगम मे जनता की अनदेखी हो रही है। व्यापारी परेशान हुए तो हमने खुद सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार के आवास पर पहुंचे। मेयर को सूचना दी। दोनों नगर निगम पहुंचे। वही अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय का कहना है कि मामला न्यायालय मे विचाराधीन है इसलिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उधर, व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि किराया वृद्धि का फैसला वापस नही लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।।
बरेली से कपिल यादव
