बरेली/ फतेहगंज पश्चिमी। थाना क्षेत्र के गांव खिरका जगतपुर मे संगीतमय साप्ताहिक श्रीरामकथा के छठे दिन नैमिष धाम से आए कथाव्यास आचार्य अवध किशोर शास्त्री सरस ने कहा कि कर्मों से मुक्ति असंभव है। व्यक्ति को अपने द्वारा किए गए अच्छे-बुरे कर्मों का फल भुगतना ही पड़ता है। पुत्र विछोह मे दशरथ का मरण भी उनके पूर्व कर्मों का ही फल था। इसलिए सद्गति चाहते हो तो सत्कर्म करते रहना चाहिए। भरत गुरु और माताओं के राज सिंहासन स्वीकार कर लेने के आग्रह को विनयपूर्वक ठुकरा देते हैं और स्पष्ट उद्घोषणा करते है। मोहि राजु हटि देइहहु जबही रसा रसातल जाइहि तबहीं।। श्रीरामकथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन सूबेदार मेजर वीरेंद्र पाल सिंह के संयोजकत्व, पूर्व प्रधान कृष्णपाल गंगवार, कोटेदार अरविन्द गंगवार के सहयोग तथा नत्थूलाल गंगवार पुजेरी के मुख्य यजमानत्व मे कराया जा रहा है। रविवार को हवन-पूजन और भंडारे के साथ इस साप्ताहिक अनुष्ठान का समापन होगा। दोनों कथासत्रों में अशोक रस्तोगी, ओमेंद्र पाल, बनवारी लाल, वेदप्रकाश, महेश सक्सेना, अनोखेलाल, अमित माली और अन्य अनेक महिला-पुरुष श्रद्धालु सम्मिलित हुए।।
बरेली से कपिल यादव
