बरेली। ऑनलाइन शॉपिंग मे अब तक ग्राहकों के साथ ठगी के मामले सामने आते थे लेकिन इज्जतनगर मे इसके उलट घटना सामने आई है। आरोपियों ने ऑनलाइन मोबाइल डिलीवरी करने वाली कंपनी को एक ही मॉडल के असेंबल किए कई मोबाइल थमा दिया और करीब 23 लाख रुपये की चपत लगा दी। पता चलने पर जब कंपनी ने आंतरिक जांच की तो आरोपियों के नाम-पते फर्जी निकले। इस मामले मे कंपनी के हब इंचार्ज की तरफ से इज्जतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। उत्तराखंड के जिला बागेश्वर निवासी खड़क सिंह इंस्ट्रकार्ट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड मे हब इंचार्ज है। वह वर्तमान मे इज्जतनगर के कैलाशपुरम डेलापीर मे रहते है। शहर मे उनका कार्यालय स्टेडियम रोड पर है। उनके मुताबिक उनकी कंपनी विभिन्न ई-कामर्स कंपनियों जिसमे मुख्यता फ्लिपकार्ट के ग्राहकों को ऑर्डर पर सामान की डिलीवरी करती है। ई कामर्स प्लेटफॉर्म की मोबाइल एक्सचेंज पालिसी के तहत ग्राहकों से नए मोबाइल की डिलीवरी के समय पुराना ओरिजिनल मोबाइल हैंडसेट डिलीवरी मैन लेता है। डिलीवरी मैन ही मोबाइल की जांच करता है। उनका आरोप है कि कई लोगों ने मिलकर फर्जी ग्राहकों का गिरोह बनाया और उनके डिलीवरी कर्मचारियों को धोखे मे लेकर एक ही मॉडल के नकली असेंबल किए गए मोबाइल फोन एक्सचेंज मे दे दिए। जबकि वास्तविक व ओरिजनल मोबाइल अपने पास रख लिए। इस तरह कंपनी और उनके कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी की गई। नाम, पता निकला फर्जी: हब इंचार्ज खड़क सिंह ने बताया कि मामला सामने आने के बाद उनकी कंपनी की तरफ से इसकी आंतरिक जांच कराई गई। जांच मे यह सामने आया कि आरोपी लोगों ने ग्राहक बनकर जो नाम-पते दिए थे। सभी फर्जी निकले। चौंकाने वाली बात यह है कि सभी मामले मे डिलीवरी का पता डेलापीर चौराहा ही है। जांच मे यह भी पाया गया कि आठ मोबाइल फोन सैमसंग गैलेक्सी 25 के ऑर्डर डिलीवरी एवं एक्सचेंज डेलापीर डमरू चौराहे क्षेत्र में ही किए गए थे। तीन दिन मे की 23 लाख की ठगी: कंपनी के रिकार्ड से पता चला है कि धोखाधड़ी 8 से 10 दिसंबर के बीच की गई है। कंपनी को 23 लाख 70 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। इज्जतनगर पुलिस ने पवन चौक्से और अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।।
बरेली से कपिल यादव
