बरेली। दिल्ली हाईवे पर एक दिन पहले हुए भीषण हादसे की जांच मे बरेली पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। एक्सीडेंट मे मारे गए कार सवार तीन लोग पेशेवर अपराधी थे और गुरुग्राम से ऑटो ड्राइवर मनोज व उसके दो मासूम बेटे कुनाल (5) और लक्ष्य (3) का अपहरण कर भागे थे। बच्चों को कार की डिग्गी में छिपाकर दूसरी जगह शिफ्ट करते समय मुख्य आरोपी मनमोहन व उसके दो साथियों की कार एक्सीडेंट में मौत हो गई जबकि अस्पताल मे भर्ती चौथा साथी प्रिंस हिरासत में है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि रविवार शाम बड़ा बाईपास पर एक बोलेरो सड़क किनारे खड़े टैंकर से टकरा गई थी। हादसे में बोलेरो सवार फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर निवासी मनमोहन सिंह, पीलीभीत में अमरिया तहसील के कल्याणपुर चक्रतीर्थ के सिकंदर और रामपुर में विलासपुर थाना क्षेत्र के रमनपुर कुर्तिया के विशेष यादव की मौत हो गई थी। वहीं रमनपुर कुर्तिया के बोलेरो चालक प्रिंस यादव व दो बच्चे घायल हो गए थे। प्रिंस के होश में आने के बाद सामने आया कि वे चारों चार अप्रैल की शाम करीब साढ़े सात बजे गुरुग्राम के डीएलएफ थाना क्षेत्र से ऑटो चालक मनोज और उसके दो बेटों छह वर्षीय मयूर व तीन साल के लक्ष्य का अपहरण करके लाए थे। जब वे फरीदपुर मे मनमोहन के घर पहुंचे तो उसके पिता नत्थूलाल ने बच्चों के अपहरण को लेकर विवाद शुरू कर दिया। तीनों को ठिकाने लगाने की बात कहने लगा मगर वे तैयार नही हुए। दोनों बच्चों को वापस गुरुग्राम छोड़ने जा रहे थे तभी यह हादसा हो गया। पूरी घटना सामने आने के बाद पुलिस ने गुरुग्राम में डीएलएफ फेस-1 पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि नाथूपुर एस ब्लॉक की पूजा ने पति मनोज और दोनों बच्चों मयूर व लक्ष्य के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई है।।
बरेली से कपिल यादव
