फरीदपुर, बरेली। उत्तर रेलवे मुरादाबाद डिवीजन के बरेली और शाहजहांपुर सेक्शन मे तीन क्रॉसिंग रेलवे ने बंद करके क्षेत्रीय लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। आरओबी बन नहीं पाये है। सालों से काम चल रहा है। बिना आरओबी बने ही क्रॉसिंग बंद कर दिये। क्षेत्रीय लोगों को अब कई-कई किलोमीटर घूमकर आना पड़ता है। इस ओर जनप्रतिनिधि भी ध्यान नही दे रहे। क्रॉसिंग खुलवाने के लिए कोई मांग नही उठाई। इससे बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी और ग्रामीण परेशान है। पीतांबरपुर रेल क्रॉसिंग: बरेली रेल सेक्शन मे करीब दो साल से पीतांबरपुर रेल क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण का काम चल रहा है। चार-पांच महीने हो गये है। न तो सर्विसलेन निर्माण एजेंसी ने बनाई, न कोई ऐसा रास्ता छोड़ा जिससे पैदल या साइकिल सवार निकल सके। बल्कि क्रॉसिंग को ही बंद कर दिया। इस क्रॉसिंग से करीब 50-60 गांव के लोग निकलते है। बरखेड़ा मार्ग है जो बदायूं रोड मे आकर मिलता है। छोटे बड़े सभी प्रकार के वाहन निकलते है। करीब 50 से अधिक मोहल्ले के लोगों का यही से निकलना होता है। क्रॉसिंग बंद किये जाने से लोगों को गौसगंज क्रॉसिंग से होकर निकलना पड़ता है जो करीब पांच से सात किलोमीटर दूर है। यहां भीषण जाम लगता है। कसरक रेल क्रॉसिंग: शाहजहांपुर रेल सेक्शन में कसरक क्रॉसिंग है। यह क्रॉसिंग मीरानपुर कटरा और खुदागंज मार्ग पर है। यहां भी आरओबी का निर्माण कई साल से चल रहा है। करीब डेढ़ साल तक निर्माण बंद रहा। अब तेज गति से काम चल रहा है। रेलवे ने इस क्रॉसिंग को भी बंद कर दिया। लोगों को हाईवे से होकर हुलासनगर पुल से होकर निकलना पडता है। करीब आठ किलोमीटर घूमकर आते जाते है। छोटे-बड़े सभी प्रकार के वाहन के निकलते है। हुलासनगला-कसरक मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे है। अक्सर ही गन्ना, लकड़ी और भूसी भरे वाहन पलट जाते है। इस क्रॉसिंग के बंद होने से करीब 25 से 30 गांव के लोगों के सामने समस्या आ गई है। मीरानपुर कटरा क्रॉसिंग: मीरानपुर कटरा रेलवे क्रॉसिंग से लगा हुआ क्रॉसिंग है। यहां तीन साल से आरओबी का निर्माण चल रहा है। करीब 20 दिन पहले रेलवे ने क्रॉसिंग को बंद करा दिया। कहा गया करीब 6 महीने के बाद क्रॉसिंग खुलेगी। यहां से कटरा कस्बा की दूरी दो से तीन किलोमीटर की दूर है। पहले लोग कसरक क्रॉसिंग से निकल जाते थे। पांच किलोमीटर का सफर करते थे। कसरक क्रॉसिंग बंद होने से अब लोगों को हुलासनगर जाकर हाइवे से गंतव्य को जाना पड़ता है। 12 से 14 किलोमीटर घूमकर आते है। कसरक और मीरानपुर कटरा क्रॉसिंग बंद होने से स्कूली बच्चों के सामने से अधिक समस्या आ गई। अधिकतर स्कूल कटरा मे ही है। साइकिल से बच्चे चलते जाते थे। अब हुलासनगला होकर बरेली-शाहजहांपुर हाइवे पुल से होकर आना पड़ता है।।
बरेली से कपिल यादव
