बरेली।जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद छात्रपाल गंगवार ने शनिवार देर रात दिल्ली हाईवे पर सड़क के बीच खड़े पेड़ के कारण तीन लोगों की मौत पर अफसरों से पूछा कि पेड़ के कारण हादसा हुआ। इसमे किसकी गलती है। पीडब्ल्यूडी की गलती है या वन विभाग की। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता भगत सिंह ने कहा कि चौड़ीकरण के लिए पेड़ों का चिह्नीकरण संयुक्त रूप से होता है। पेड़ों को काटने की एनओसी वन विभाग देता है। सांसद ने वन विभाग के अधिकारियों से उत्तर देने को कहा। बातचीत के दौरान निकलकर आया कि सड़क बने दस वर्ष हो गए हैं। इस पर सांसद ने और भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दस वर्ष मे पेड़ नही हटा पाए। इस पर एक्सईएन ने जांच की बात कही। इस दौरान सड़क चौड़ीकरण के दौरान बिजली विभाग के खंभे हटने पर लंबा मंचन हुआ। कैंट विधायक ने कहा कि बिजली विभाग इसके लिए काफी ज्यादा पैसा लेता है। बैठक मे लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत बिथरी से मेहतरपुर करोड़ जाने वाली रोड के पुनः निर्माण के बारे में बताया गया कि यह रोड स्वीकृत हो गई है। नवाबगंज से सिंधौलिया होते हुये लाई खेड़ा सड़क, खतौआ मार्ग, नवाबगंज से अतौरा मार्ग मेहतरपुर करोड़, आंवला-भमौरा मार्ग बनाने को कहा गया। इस पर डीएम ने कहा कि एडीएम सिटी, एसपी ट्रैफिक, पीडब्ल्यूडी और आरटीओ से जांच करा रहे है। इस पर सासंद ने पूछा कि हादसा क्या वन विभाग के कारण हुआ है। बैठक में पेशन, विजली, पानी, स्वास्थ्य जैसे । कई मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों ने अफसरों को सवालों मे घेरा। प्रमुख योजनाओं की समीक्षा के दौरान विधायकों और ब्लॉक प्रमुखों ने कहा कि सरकार की सभी योजनाएं कागजों में दुरुस्त है मगर असलियत में हाल बदहाल है। कैंट विधायक ने खनन पर सवाल किया तो खनन अधिकारी मनीष कुमार बैठे-बैठे ही उत्तर देने लगे। इस पर विधायक नाराज हो उठे। कहा कि आप किसी की बात नही सुनते हो। सिर्फ आपके कारण रात मे खनन हो रहा है। जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने बताया कि कार्यदायी संस्था वाले फोन नही उठाते हैं। कार्रवाई करें। बहगुल नदी की संकरी पुलिया का निर्माण रोड पर निर्माण पहले कराया जाए। सांसद नीरज मौर्य ने वृद्धावस्था पेंशन व अन्य योजनाओं के लिए लगने वाले कैंप के बारे मे पूछा। समाज कल्याण अधिकारी ने जवाब दिया कि पिछले दिनों कैंप लगाए गए थे। इस पर सांसद और तमाम ब्लॉक प्रमुखों ने कहा कि हमारे पास इसकी कोई भी सूचना नही है। समाज कल्याण अधिकारी ने कहा कि उनके पास कैंप के फोटो हैं। ब्लॉक प्रमुख बोले कि फर्जी होंगे। सांसद नीरज ने कहा कि कमेटी के अध्यक्ष ने आदेश दिया कि कार्यक्रमों की सूचना जनप्रतिनिधियों को दी जाएगी। उसका भी पालन नहीं हो रहा। डीएम ने भी इस पर नाराजगी जताई। सांसद छत्रपाल गंगवार ने कहा कि चौराहों और हाईवे पर खड़ी रहने वाली प्राइवेट एम्बुलेंस मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाती है। वे अनाप-शनाप बिल बना कर पीड़ित का उत्पीड़न करते है। उन्हें हटवाने के लिए कहा गया। सरकारी एम्बुलेंस को प्राथमिकता दिये जाए। जनप्रतिनिधियों ने नव चयनित 37 पंचायत सहायकों को नियुक्ति पत्र का वितरण भी किया। सीडीओ देवयानी, नगरायुक्त संजीव कुमार मौर्य, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह, एडीएम न्यायिक देश दीपक सिंह आदि मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
