बरेली। नए पीएलआई फॉर्मूले के विरोध में बैंक कर्मचारियों ने काले फीते बांध कर विरोध शुरू किया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर देश भर के सरकारी बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह फॉर्मूला कर्मचारियों के हितों के विपरीत है और असमानता को बढ़ावा देता है। यूनाइटेड फोरम के जिला संयोजक नवींद्र कुमार ने कहा कि प्रस्तावित पीएलआई फॉर्मूला कर्मचारियों के हितों के विपरीत है तथा यह कार्यस्थल पर भेदभाव और असंतोष को बढ़ावा देगा। उन्होंने आगे कहा कि बैंक कर्मचारी पहले से ही अत्यधिक कार्य दबाव मे कार्य कर रहे है। ऐसे में यह नई व्यवस्था उनके मनोबल को कमजोर करेगी। फोरम के अध्यक्ष पीके माहेश्वरी ने कहा कि यह फॉर्मूला बैंकिंग क्षेत्र की कार्य संस्कृति पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा, इसलिए इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उपाध्यक्ष संतोष तिवारी ने सभी कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि संगठन अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। महिला संयोजक रश्मि शर्मा ने कहा कि यह नीति सभी वर्गों के कर्मचारियों, विशेषकर महिला कर्मचारियों के लिए भी प्रतिकूल है। सभी को बढ़-चढ़कर इस आंदोलन में भाग लेना चाहिए। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने हितों की रक्षा के लिए एकजुट हैं और इस फॉर्मूले को वापस लेने की मांग कर रहे है।।
बरेली से कपिल यादव
