निजी स्कूल संचालकों की मिली भगत से बुक सेलर ने मचा रखी है कोर्स में लूट: अनुज वार्ष्णेय

●निजी विद्यालयों की मनमानी के विरोध में युवा व्यापारियों ने किया अनोखा प्रदर्शन

सम्भल। शुक्रवार को चंदौसी नगर क्षेत्र में अखिल भारतीय युवा उद्योग व्यापार मण्डल की युवा इकाई के नगर अध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय अन्नू के नेतृप्य में निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही मनमानी के विरोध में युवा व्यापारियों ने एक अनोखा एवं प्रभावशाली प्रदर्शन किया। निजी स्कूलों द्वारा जबरन महंगी प्राइवेट किताबें, कॉपियां एवं निर्धारित दुकानों से ही स्कूल ड्रेस खरीदने के दबाव के खिलाफ व्यापारियों में भारी रोष देखने को मिला।
इस दौरान युवा व्यापारियों ने विरोध दर्ज कराने के लिए प्रतीकात्मक रूप से किताबों और कॉपियों को तराजू पर रखकर रुपयों के साथ तोला। इस अनोखे प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने यह संदेश देने का प्रयास किया कि शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है और किताबों-कॉपियों को “सोने के भाव” बेचा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निजी विद्यालय प्रबंधन अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। निर्धारित दुकानों से ही सामग्री खरीदने की बाध्यता पूरी तरह अनुचित है और इससे स्थानीय व्यापारियों का भी नुकसान हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ विद्यालयों द्वारा अपनी स्वयं की कॉपियां छपवाकर छात्रों को बेची जा रही हैं, जो पूरी तरह अनुचित है और इससे पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े होते हैं। नगर अध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय ‘अन्नू’ ने कहा कि निजी स्कूल संचालकों की मिली भगत से बुक सेलर ने कोर्स में लूट मचा रखी है पिछले वर्ष जिलाधिकारी ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कार्यवाही कर एक एक लाख जुर्माना डाला पर स्कूल संचालकों को होसले बुलंद है ४० से ५० प्रतिशत तक की कमीशन खोरी चल रही है अधिकांश स्कूलों में एन सी ई आर टी की किताबों को नहीं लगाया गया है मनमानी का ये आलम है किताबों को छोड़ो कॉपी तक अपने निर्धारित बुक सेलर पर रखी है जो कॉपी १० रुपये की आती है उस कॉपी को २०० रुपये तक बेची जा रही है “निजी विद्यालयों की यह मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र को व्यापार का माध्यम बनाकर अभिभावकों का शोषण किया जा रहा है, जिसे तत्काल रोका जाना चाहिए। प्रशासन को इस विषय में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। नगर महामंत्री शुभम अग्रवाल ने कहा कि “विद्यालयों द्वारा तय दुकानों से ही किताबें, कॉपियां और ड्रेस खरीदने का दबाव पूरी तरह गलत है। साथ ही कुछ विद्यालयों द्वारा अपनी कॉपियां बनाकर बेचना भी गंभीर विषय है। इससे न केवल अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों के साथ भी अन्याय हो रहा है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। युवा व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि इस प्रकार की मनमानी पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा अभिभावकों को राहत प्रदान की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय अन्नू, शुभम अग्रवाल, मयंक वार्ष्णेय चिंकल, अमित वार्ष्णेय, हर्षित गौड़, अंशुल वार्ष्णेय, गोविन्द वार्ष्णेय, आशीष गुप्ता सहित कई युवा व्यापारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर इस मुद्दे पर आवाज बुलंद की।

सम्भल से सय्यद दानिश अली

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