बरेली। सीएम ग्रिड फेज-2 के तहत कोहाड़ापीर से कुदेशिया ओवरब्रिज और प्रेमनगर धर्मकांटा तक किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण मे आड़े आ रही 200 से ज्यादा दुकानें तोड़ने की तैयारी किए जाने से व्यापारियों मे आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इन सभी दुकानदारों को नगर निगम ने नोटिस जारी किया है और खुद ही अतिक्रमण हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। इसके बाद बुलडोजर चलाया जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम वर्ष 1920 के नक्शे के आधार पर वर्तमान निर्माण को अतिक्रमण मानते हुए कार्रवाई कर रहा है जो पूरी तरह अनुचित है। नगर निगम ने इसी नक्शे के आधार पर वर्षों से संचालित दुकानों को अवैध घोषित कर दिया है। दुकानें टूटने से उनके रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। इससे पहले 7 अप्रैल को नगर निगम की टीम 35 दुकानों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त करा चुकी है। अब 200 दुकानें कार्रवाई की जद में आने पर व्यापारी एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने महापंचायत करने का ऐलान किया है। जिसमें किसान, दुकानदार और उनके परिवार बड़ी संख्या में शामिल होंगे। व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। व्यापारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। महापंचायत को लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है और हालात पर नजर रख रहा है। वही कोहाड़ापीर रोड पर तोड़ी गई दुकानों से व्यापारियों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। बुलडोजर कार्रवाई से दुकानों में रखा सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। वर्षों से चल रहा कारोबार अचानक ठप हो गया है। अब हालत यह है कि कई दुकानदार और कारीगर फुटपाथ पर काम करने को मजबूर हैं, जबकि पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं होने से आर्थिक स्थित खराब होने की चिंता और बढ़ गई है।।
बरेली से कपिल यादव
