बरेली। सेटेलाइट नाले मे गिरे व्यक्ति का 24 घंटा के बाद भी कोई सुराग नही लगा। पुलिस प्रशासन ने नाला की स्लैप तोड़ने के लिये उस एरिया को ब्लॉक कर दिया। जिससे वर्कशाप मे आने-जाने वाली बसों का संचालन बंद हो गया। डीजल पंप तक बसें नही पहुंचने से करीब 40 बसों का संचालन निरस्त करना पड़ा। ऐसे में यात्रियों को दिक्कत हुई। यात्री परेशान होते नजर आये। इनमें लखनऊ, दिल्ली और हरिद्वार आदि मार्ग की 10 एसी बसें भी कैंसिल की गई है। परिवहन निगम अधिकारियों का कहना है कि सड़क के नीचे नाला है। उसे नगर निगम तोड़ेगा। इसलिए वर्कशाप के दोनों गेट पर बैरियर लगा दिये। उस एरिया को पूरी तरफ से ब्लॉक कर दिया गया। जिससे किसी वाहन न हो रहा है। ऐसी स्थित में जो बसें वर्कशाप के अंदर खड़ी थी। उनको शाम पांच बजे के बाद दिल्ली, लखनऊ, हरिद्वार, पीलीभीत, कानपुर आदि रूट पर जाना था। या फिर जिन बसों मे वर्कशाप के पंप से डीजल लेना था। वे बसें भी खड़ी करा दी गई। करीब 40-45 बसों का संचालन सेटेलाइट से रोका गया। आरएम ने एआरएम बरेली और रुहेलखंड डिपो सेटेलाइट पर व्यवस्थाएं देखने को लगाया है। बसों का संचालन न हो पाने से यात्रियों को परेशान होना पड़ा। जो बसें दिल्ली, मुरादाबाद मार्ग की लखनऊ, हरदोई या पीलीभीत, लखीमपुर जाने थी। सेटेलाइट होकर जाती थी। उन बसों को बाइपास से ही रवाना कराया गया। ऐसे मे बरेली शहर आने वाले यात्रियों को दिक्कत हुई। झुमका, बिलवा, पीलीभीत बाइपास, इन्वर्टिस तिराहा पर उतरना पड़ा। वहां से ऑटो से आये। इधर बरेली सिटी स्टेशन मार्ग के चलते भी बसों का संचालन बंद है। पुराना बस अड्डे पर भी बसें नही आ रही है। एआरएम रुहेलखंड डिपो अरुण कुमार वाजपेई का कहना है कि सेटेलाइट पर वर्कशाप के दोनों गेट को बैरियर और बुल्डोजर लगाकर ब्लॉक कर दिया है। वर्कशाप मे डीजल लेने वाली बसे नही पहुंची। शाम से रात को जाने वाली करीब 40-45 बसें निरस्त की गई। इनमें 10 एसी बसें भी हरिद्वार, दिल्ली, लखनऊ आदि रूट की है। जब बैरियर हटेंगे, तभी बसें संचालित होंगी।।
बरेली से कपिल यादव
