कृषि भूमियों पर बसीं अवैध कालोनियों में बिना अनुमति हो रहे निर्माण कार्यों की तैयार हो रही कुंडली

राजस्थान/बाड़मेर- बाड़मेर शहरी क्षेत्र के आसपास सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कृषि भूमि पर खातेदारों द्वारा काटी गई अवैध कालोनियों पर कार्यवाही करने के लिए उसकी कुन्डली तैयार हो रही है ताकि पता चले कौनसी कालोनियों सरकारी नियमों के अनुसार वैध है और कौनसी अवैध, ताकि इनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही होगी।

बाड़मेर नगर परिषद क्षेत्र के साथ ही शहरीकरण के नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कृषि भूमि पर अवैध कालोनियों काटकर राज्य सरकार के राजस्व को जानबूझकर घाटा पहुँचा रहा है। बाड़मेर शहर के आसपास कृषि भूमियों पर बसीं अवैध कालोनियों में बिना अनुमति के हो रहे अवैध निर्माण कार्यों की कुंडली तैयार हो रही है। यह सूची तैयार होने के बाद जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों द्वारा बिना अनुमति निर्माण के लिए आवश्यक नियमानुसार कार्यवाही करेगा। इसके लिए नगर परिषद एवं निगम ने अपने कनिष्ठ अभियंताओं और वार्ड जमादारों को यह जिम्मेदारी सौंपी है। यह सूचियाँ तैयार करने के आदेश नगर परिषद एवं निगम की ओर से जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार शहर में बिना अनुमति और नियम विरुद्ध निर्माण कार्य हो रहे हैं, इससे राज्य सरकार के राजस्व के साथ साथ नगर परिषद और निगम को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। जारी किए गए आदेश के अनुसार बिना अनुमति निर्माण से न केवल सरकारी नियमों की अवहेलना हो रहा है बल्कि करोड़ों रुपये राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।

आदेश में बताया है कि बिना अनुमति निर्माण से आवेदन शुल्क, अनुमति शुल्क, प्लांटेशन शुल्क, पार्किंग शुल्क, लेबर सेस, वाटर हार्वेस्टिंग शुल्क आदि में मिलने वाली करोड़ों रुपये राजस्व की हानि होती है। नगर परिषद और निगम क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण कार्यों की वार्ड अनुसार सूचियाँ तैयार की जा रही है। नगर परिषद एवं निगम की ओर से अपने वार्ड जमादार तथा कनिष्ठ अभियंताओं के माध्यम से यह सूचियाँ तैयार करवाई जा रही है। आदेश में संबंधित सहायक अभियंताओं और स्वच्छता निरीक्षकों को अपने अधीनस्थ कार्मिकों के माध्यम से पर्यवेक्षण में सहयोग के लिए कहा गया है।

स्मरण रहे की बाड़मेर शहर के दानजी की होदी क्षेत्र में स्थित कृषि भूमि मूल खसरा नम्बर 1296 में खातेदारों द्वारा अपने निजी स्वार्थों के कारण 1986 से अवैध रूप से कालोनी का नक्शा काटकर के बिना राज्य सरकार की स्वीकृति के लेआऊट और मास्टर प्लान के सम्पूर्ण कृषि भूमि का साठ प्रतिशत हिस्सा में प्लांट एवं चालीस प्रतिशत भाग जानबूझकर खाली नहीं छोड़ा गया है और सम्पूर्ण खसरा कृषि भूमि पर अवैध रूप से कालोनी की बसावट की गई है इससे राज्य सरकार को पिछले चालीस वर्षों से करोड़ों रुपये की राजस्व हानि हुई है, वर्तमान में यहाँ पर मुख्य सड़क तीस फिट और दस अन्य क्रोसिंग गलियां बीस फिट बनाईं गईं है और अवैध आवासीय क्षेत्र में लगभग डेढ़ दो सौ लोगों का परिवार सहित निवास करते हैं।

सरकारी नियमों के अनुसार जाचं पड़ताल कर मौका देखने आए अधिकारी ने कहा कि कृषि भूमि खसरा सख्या 1296 की अवैध आवासीय क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई है। साथ ही बाड़मेर शहर के मूल कृषि भूमि खसरा नम्बर 1296 पर खातेदारों द्वारा सम्पूर्ण खसरे में काटी गई अवैध कालोनी की मौका जांच रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारीयों को दी जाएगी।

इस दौरान क्षेत्र के लोगों ने जाचं पड़ताल करने वाले अधिकारी से कहाँ की जिला प्रशासन से मांग करते है कि सम्पूर्ण अवैध आबादी को यहाँ से हटाकर उक्त कालोनी को राजस्व रिकॉर्ड अनुसार पुनः कृषि भूमि ही रखा जाए ताकि भविष्य में राजस्व रिकॉर्ड के खातेदारों द्वारा यहाँ पर रहने वाले गरीब परिवारों को मूलभूत समस्याओं का समाधान करने के लिए और ज्यादा परेशानियों का सामना नही करना होगा।

— राजस्थान से राजूचारण

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