बरेली देहात। बारिश और आंधी के चलते क्षेत्र में खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। कई खेतों में फसल गिर गई, तो कहीं पानी भरने से फसल डूब गई है। हालात ऐसे हैं कि किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। वही खराब मौसम के कारण बिजली आपूर्ति भी बाधित रही, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। बुधवार को हुई बारिश किसानों पर कहर बनकर टूटी है। इस बारिश ने न सिर्फ किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, बल्कि उनके सामने आर्थिक संकट भी खड़ा कर दिया है। हवा के साथ हुई तेज बारिश में खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और लाही की फसल गिरने से काफी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान उन किसानों को हुआ है, जिनकी फसल खेत में कटी पड़ी थी। अब सड़ने के साथ ही दाना काला पड़ जाएगा। सरसों और लहटा में फफूंद आ जाएगी। आंवला : मलगांव के अर्जुन सिंह, धर्म सिंह, मुनेंद्र यादव ने बताया कि बारिश से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। गांव देवीपुरा के सुखवीर पाल और रनवीर पाल ने बताया कि उनके आधे गेहूं कट चुके है और बाकी कटने को हैं। सेंधा रमनगला बाजार मे पानी भरने से गेहूं की खरीदारी भी कम हुई है। भमोरा के कुड्ढा के किसान जीराज सिंह, ब्रजभान सिंह, हरीश सिंह, आदि बताया कि बारिश से गेहूं को नुकसन हुआ है। दाना काला पड़ने की आशंका है। इससे भाव कम हो जाएगा। नवाबगंज : दिन भर रुक-रुककर हुई बारिश से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई, इससे दाने काले पड़ने का खतरा बढ़ गया है। खेतों में नमी होने से कटाई का काम भी ठप हो गया है। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल डूब गई है। किसानों का कहना है कि अगर और बारिश हुई तो फसल बर्बाद हो जाएगी। बरसेर : बुधवार सुबह हुई बरसात से गेहूं की कटाई का काम रुक गया है। अटा फुंदापुर के वेदराम ने बताया कि तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से गेहूं का दाना काला पड़ने का डर है। चंदूपुरा के मुंशी लाल ने बताया कि उनका एक एकड़ गेहूं खेत में कटा हुआ पड़ा है जो भीग गया है इससे परेशानी बढ़ गई है। सूखने में अब समय लगेगा। अगर फिर बारिश हो गई तो बालियां सड़ जाएंगी। भदपुरा : एक सप्ताह से मौसम की बेरुखी और रुक-रुककर हो रही बारिश और तेज हवाओं ने किसानों का सुख-चैन छीन लिया है। बुधवार दोपहर बारिश से साथ चली तेज हवाओं से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बिछ गई, जबकि खेतों में कटी पड़ी फसल भीग गई। गन्ने की बुवाई खराब होने का डर किसानों को सता रहा है। बारिश के कारण कटाई और मड़ाई का काम फिर से ठप हो गया। कल्याण राय, नन्हे लाल किसान ने बताया कि तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से खेतों में बेसरिंग के लिए पड़ी गेहूं की फसल भीग गई है। अगर बारिश और तेज हवाएं जारी रहीं तो गेहूं की फसल को काफी नुकसान होगा। बहेड़ी : सुबह हुई मूसलाधार बारिश से गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भर गया है, और हवा के तेज झौंकों के चलते पकी खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है। जिन किसानों का गेहूं कटा हुआ खेत में पड़ा है, उसको जबरदस्त नुकसान हुआ है। आम के पेड़ों पर आया फल भी बड़ी तादाद में भरभराकर गिर गया है। इस बारिश ने किसान की कमर तोड़ने का काम किया है। भाकियू नेता चौधरी अजित सिंह ने फसलों के नुकसान का जल्द सर्वे कराने की मांग की है। शेरगढ़ : बारिश से खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई तो किसानों के सपने तार-तार हो सकते हैं। इससे किसानों को झटका लग सकता है। फरीदपुर : नगर से लेकर देहात और फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र में बुधवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली। तेज आंधी के साथ शुरू हुई बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित हो गया। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण पेड़ों की टहनियां टूट गई जिससे विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित हो गई और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी किसानों की तैयार खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह खेत में बिछ गई जिसको लेकर किसान चिंतित है। मीरगंज : बुधवार को क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। अप्रैल महीने में हुई इस बारिश ने किसानों की चिता बढ़ा दी है, क्योंकि इस समय खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी है बुधवार सुबह हुई बारिश ने किसानों को बड़ा झटका दिया। बारिश से गेहूं की फसल पूरी तरह भीग गई है। भीगी हुई फसल को दोबारा सुखाने में तीन से चार दिन का समय लग सकता है, जिससे कटाई का काम बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। क्षेत्र के किसान ओपी शर्मा, राममूर्ति, विजय चौधरी, महाराज चौधरी, कृपाल सिंह और रामेश्वर दयाल सहित अन्य किसानों ने अपनी चिता व्यक्त की। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है, ताकि मौसम की मार से हुए नुकसान की भरपाई हो सके।।
बरेली से कपिल यादव
