बरेली। नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान मंगलवार को उस समय विवाद की भेंट चढ़ गया, जब टीम ने कालीबाड़ी मंदिर के समीप नालों पर बनी दुकानों पर बुलडोजर चलाने की कोशिश की तो वहां मौजूद लोगों में खलबली मच गई। देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई। आरोप है टीम ने बिना किसी ठोस आधार के मंदिर किनारे चाय-समोसा और फूल-प्रसाद बेचकर गुजर-बसर करने वालों को निशाना बनाया। दहशत का माहौल पैदा कर आनन-फानन में पांच-पांच हजार रुपये तक के जुर्माने की रसीदें काट दी गई। इस दौरान स्थानीय लोगों ने टीम पर वसूली के खुले आरोप लगाए। मौके से करीब 38 हजार का जुर्माना वसूला गया। वही कुछ देर बाद बाद ही भारी विरोध के बीच टीम को वापस लौटना पड़ा। कालीबाड़ी रोड पर मंगलवार को दोपहर करीब एक बजे निगम की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। जैसे ही प्रवर्तन दल की मौजूदगी में कालीबाड़ी मंदिर के पास रोड किनार दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई तो अफरा-तफरी मची गई। मंदिर के आसपास रोड किनारे फड़ और खोखे लगाकर बैठे लोगों ने कहा कि दो दिन बाद नवरात्र शुरू हो रहे है। ऐसे मे अगर दुकानें हटा लेंगे तो रोजगार प्रभावित होगा लेकिन प्रवर्तन दल की टीम के किसी की नहीं सुनी। कई लोगों का सामान जब विरोध शुरू हुआ तो सूचना पर क्षेत्रीय पार्षद के नही पहुंचे पर वार्ड 64 के पार्षद जयप्रकाश राजपूत मौके पर पहुंचे। पार्षद ने जैसे ही नगर निगम की इस कार्रवाई का फेसबुक लाइव शुरू किया तो टीम के हाथ-पांव फूल गए। लाइव कैमरे की जद में आने के डर से अभियान का नेतृत्व कर रहे नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानु प्रकाश ने अपनी टीम को तुरंत पीछे हटने का इशारा किया। स्थिति इतनी हास्यास्पद हो गई कि निगम की टीम अपनी गाड़ियां लेकर श्यामगंज चौकी की तरफ भागती नजर आई और पार्षद जयप्रकाश राजपूत हाथ में मोबाइल कैमरा लेकर उनके पीछे दौड़ते दिखे। इधर इस पूरे घटनाक्रम ने निगम के भ्रष्टाचार मुक्त दावों की पोल भी खोलकर रख दी। मौके पर मौजूद लोगों ने स्पष्ट आरोप लगाया टीम ने कुछ खास लोगों को जानबूझकर छोड़ दिया जबकि गरीब तबके पर जुर्माने का चाबुक चलाया गया। चेतावनी दी यदि इसी तरह एकतरफा और भेदभावपूर्ण कार्रवाई जारी रही, तो वे सड़क पर उतरकर नगर निगम के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे। नगर निगम ने इस भागम-भाग वाली कार्रवाई ने शहर मे चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।।
बरेली से कपिल यादव
