बरेली। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने कलेक्ट्रेट मे रिश्वत लेते हुए खनन विभाग के एक कर्मचारी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। खनन मे सीज ट्रैक्टर ट्राली को छोड़ने के बदले आरोपी महमूद । रजा खां ने मालिक से पैसे लिए थे। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया गया है। किला के रौठा में रहने वाले वेद प्रकाश की ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध खनन में बीते दिनों खनन विभाग ने सीज की थी। उस पर जुर्माना भी लगाया गया है। वेद प्रकाश ने एंटी करप्शन में शिकायत की थी कि खनन विभाग में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महमूद रजा सीज ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़ने और जुर्माना की फाइल डीएम कार्यालय भेजने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन के ट्रैप टीम प्रभारी जितेंद्र सिंह ने टीम के साथ कलेक्ट्रेट स्थित खनन विभाग कार्यालय में घेराबंदी की। जैसे ही कर्मचारी महमूद ने रुपये लिए टीम ने उसे दबोच लिया। खनन विभाग में कर्मचारी के रिश्वत लेते पकड़े जाने से खलबली मच गई। कार्रवाई के वक्त खनन अधिकारी मनीष कुमार भी मौजूद थे। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक घटना के बाद कुछ देर के लिए कार्यालय से निकल लिए। वादी ने आरोप, अधिकारी ने रिश्वत देने को कहा : बरेली। एंटी करप्शन टीम की तरफ से कोतवाली मे मुकदमा दर्ज कराया गया है। खास बात है कि मुकदमे मे वादी ने अधिकारी पर आरोप लगाया है। मुकदमे के मुताबिक, वेद प्रकाश ने एंटी करप्शन मे शिकायत की थी कि उससे अधिकारी ने रुपये मांगे थे और उसे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को देने को कहा था। मुकदमा दर्ज होने के बाद इस दिशा मे भी गिरफ्तारी कर्मचारी के बयान के आधार पर जांच की जाएगी। इस मामले में खनन अधिकारी मनीष कुमार से पक्ष लेने का प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल नंबर आफ था। एंटी करप्शन टीम ने जब रिश्वत मांग रहे कर्मचारी महमूद को ट्रैप करने की योजना तैयार की तो जिलाधिकारी के निर्देश पर दो सरकारी कर्मचारी बतौर साक्षी बनाए गए। वादी वेद प्रकाश के नोट पर केमिकल लगाकर एंटी करप्शन टीम ने उसे वापस दे दिया था। यही नोट बाद में रिश्वत मे महमूद ने लिया और उसे पकड़ लिया गया। कोतवाली मे तलाशी मे उसके पास से अतिरिक्त 5220 रुपये मिले थे। इसके बारे में भी वह कोई संतोषजनक जवाब नही दे सका। खनन विभाग में आरोपी कर्मचारी का था दबदबा : कहने को महमूद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है, लेकिन खनन विभाग में उसकी तूती बोलती थी। वह बाबू का काम करता था, खनन के मामले में होने वाली कार्रवाई में उसका काफी दखल बताया जाता था। यही वजह है कि वेद प्रकाश की फाइलें उसने कार्यालय में दबा दी और उससे 10 हजार रुपये मांगे थे। वेद प्रकाश ने काफी प्रयास किया, लेकिन महमूद की मर्जी के बिना उसकी फाइल आगे नही बढ़ सकी थी। तब वेद प्रकाश ने महमूद की शिकायत एंटी करप्शन में की थी।।
बरेली से कपिल यादव
