बरेली। जनपद मे निवेश के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये के ठगी करने के आरोपी आईसीएल म्यूचुअल बेनिफिट्स लिमिटेड के निदेशक आरके गोला उर्फ रूप किशोर गोला के खिलाफ कुर्की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने पिछले साल आरके गोला को आदेश दिया था कि वह निवेशकों का भुगतान करे। चार अलग-अलग आदेशों के अनुपालन में गोला को एक करोड़ से ज्यादा का भुगतान करना था लेकिन उसने ऐसा नही किया। आयोग के आदेशों के अनुपालन में 79.77 लाख रुपये भुगतान नहीं करने पर प्रशासन ने बदायूं के परगना उझानी के गांव मिढ़ौली स्थित उसकी चार बीघा भूमि को कुर्क कर लिया है। गोला की अन्य संपत्तियों को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है। बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव रमजानपुर में उसका आलीशान मकान भी है। बरेली, पीलीभीत, रुद्रपुर में भी उसकी करोड़ों की संपत्तियां हैं, जिन्हें वह ठिकाने लगा रहा है। उसके खिलाफ बरेली, बदायूं, पीलीभीत के अलावा उत्तराखंड में भी ठगी के कई मामले दर्ज हैं। सशर्त जमानत पर छूटने के बाद भी उसने उपभोक्ताओं का भुगतान नही किया। आयोग के आदेश के बाद गोला ने बरेली में 1.24 करोड़ की भूमि को ठिकाने लगा दिया। उसने रामगंगा के पास गांव अखा-ढखा में स्थित अपनी भूमि को अगस्त 2025 में बेच दिया। निवेशकों को रुपये भी नहीं लौटाए। यहां उसकी एक डेयरी भी है। ठगी का आरोपी अपना ज्यादातर समय इसी डेयरी पर बिताता है। अलीगंज के गांव खजुवाई में भी उसकी करोड़ों की अचल संपत्ति है। कन्हैया गुलाटी, सूर्यकांत और शशिकांत पर शिकंजा कसना बाकी: आरके गोला के खिलाफ तो कुर्की की कार्रवाई शुरू हो चुकी है, लेकिन हजारों करोड़ की ठगी के आरोपी कैनविज कंपनी के निदेशक कन्हैया गुलाटी और अमर ज्योति कंपनी के डायरेक्टर सूर्यकातं मौर्य व उसके भाई शशिकांत मौर्य पर शिकंजा कसना अभी बाकी हैं। इन तीनों आरोपियों के खिलाफ भी बरेली, बदायूं, पीलीभीत के थानों में ठगी के 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। सूर्यकांत और शशिकांत पर तो 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है। इन तीनों आरोपियों को पुलिस अब तक गिरफ्तार भी नहीं कर सकी है।।
बरेली से कपिल यादव
