बरेली। इस बार रमजान मे फिर से पांच जुमा पड़ रहे है। ऐसे मे इस बार 26 साल के बाद फिर से रमजान में दो अलविदा की नमाज अदा हो सकती हैं। इसकी वजह यह है कि बुधवार को सऊदी अरब में इंद का चांद नजर नहीं आया है। ऐसे में सऊदी अरब में शुक्रवार को और भारत में अगले दिन शनिवार को 30 रोजे के बाद इंद का त्योहार मनाया जाएगा। हालांकि गुरुवार को चांद देखे जाने की कोशिश होगी। इसके वाद ही आधिकारिक रूप से ऐलान किया जाएगा। दरगाह आला हजरत की ओर से गुरुवार को ईद का चांद देखने की अपील की गई है। हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान। फरमान मिया) ने बताया कि काजी ए हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा कादरी (असजद मियां) की सरपरस्ती में मुफ्ती अब्दुर्रहीम नश्तर फारूकी, मुफ्ती अफजाल, कारी काजिम रजा आदि की निगरानी में टीम गठित की गई है। सुन्नी रूयते हिलाल की तरफ से दरगाह पर चांद दिखने की व्यवस्था की गई है। इस बार पूरे 30 रमजान मे पांच जुमा होने की भी उम्मीद है। पिछले शुक्रवार को जिले भर मे अलविदा की नमाज अदा की गई थी। इसके बाद दरगाह हजरत की तरफ से बुधवार को अपील जारी करते हुए गुरुवार को ईद का चांद देखने को कहा गया है। दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि सन 2000 मे रमजान मे पांच जुमा होने से दो बार अलविदा की नमाज अदा की गई थी।।
बरेली से कपिल यादव
