रुहेलखंड विश्वविद्यालय मे थानों के 780 पैरोकारों के लिए हुई कार्यशाला

बरेली। नए आपराधिक कानूनों के तहत मजबूत पैरवी कर पीड़ितों को न्याय और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने के रुहेलखंड विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम मे रविवार को एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसमें बरेली जोन के सभी नौ जिलों के 181 थानों के 780 कोर्ट मोहर्रिर, पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल प्रभारियों ने प्रतिभाग किया। डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर आयोजित इस एक दिवसीय शुभारंभ मुख्य अतिथि रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। कुलपति ने कहा कि आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली मे विधिक दक्षता, अभिलेखों की शुचिता और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है। विधिक दक्षता, अनुशासन के साथ डिजिटल पुलिस प्रणाली को धारदार बनाकर अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई कराई जा सकती है। इस दौरान एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा, डीआईजी अजय साहनी, एसएसपी अनुराग आर्य, एएसपी प्रशिक्षण निदेशालय रिजुल सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। मुरादाबाद के डीआईजी मुनिराज सहित अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जुड़े। तीन सत्रों में हुआ आयोजन प्रथम सत्र मे संयुक्त निदेशक (अभियोजन) अच्छेलाल यादव ने भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अभियोजन की मजबूती में पैरोकारों और कोर्ट मोहर्रिरों की भूमिका भी स्पष्ट की। द्वितीय और तृतीय सत्र मे सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण आदेशों के बारे में बताया गया। संयुक्त निदेशक (प्रशिक्षण) केके शुक्ल ने चेन आफ कस्टडी, रिमांड प्रक्रिया, साक्ष्य प्रस्तुतिकरण, ई-समन, आईसीजेएस, सीसीटीएनएस, ई-मालखाना और एनएसटीईपी जैसे तकनीकी बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया। हर सत्र के बाद प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया।।

बरेली से कपिल यादव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *