बरेली। शहर की सड़कों पर घूम रहे सांड़ लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहे है। रोज किसी न किसी को अपनी सींग से मारकर घायल कर दे रहे है। पिछले दिनों कैंट क्षेत्र मे सांड़ के हमले में 70 साल के बुजुर्ग रामफेर पाराशर की मौत हो गई थी। नगर निगम द्वारा संचालित नदौसी गौशाला, नंदी हाउस पूरी तरह से फुल हो चुका है। नगर निगम सीमा और आसपास के इलाकों मे आवारा पशु खुलेआम घूम रहे हैं। शहर मे एक नही दर्जनों घटनाएं सांड़ के हमले से हो चुकी है। सीबीगंज के मथुरापुर मे बाइक से ड्यूटी जा रहे अनिल को सांड ने पटक-पटक कर मार डाला था। वही प्रेमनगर के झूलेलाल गेट के पास सब्जी लेकर आ रहे बनवारी लाल को सांड के हमले में घायल हो गए थे। बारादरी के संजयनगर में मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड गन्ना प्रबंधक करुणा शंकर पांडेय को सांड ने पटक-पटक कर मार डाला था। शहर से अलग शाही के सिहौर गांव में खेत पर गए किसान जगनलाल को सांड ने पटक पटक कर मार डाला था। सुभाषनगर के नेकपुर निवासी राजवीर को सांड के हमले से घायल हो गए थे बाद में उनकी मौत हो गई थी। शहर के कटरामान राय में दो सांडो में आपसी लड़ाई होने की वजह से कई राहगीर घायल हो गए थे। नगर निगम प्रशासन का दावा है कि बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए प्रतिदिन अभियान चलाया जाता है। औसतन 10 से 12 पशुओं को रोज पकड़ा जाता है। लेकिन सड़कों पर घूम रहे बेहिसाब पशु निगम के दावों की हकीकत बयां कर रहे है। पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डा. हरपाल सिंह का कहना है कि अभियान चलाकर आवारा पशुओं को पकड़ा जाता है।।
बरेली से कपिल यादव
