हस्तशिल्प को बुलन्द करने का हर संभव प्रयास कर रहे: जुनैद असलम

●ODOP प्रशिक्षण के जरिए लाभार्थियों ने सीखीं बारीकियां

संभल। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ODOP) टूलकिट योजना के अंतर्गत संभल के प्रसिद्ध हॉर्न-बोन (हड्डी एवं सींग) क्राफ्ट को वैश्विक स्तर पर चमकाने के लिए 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। इस पूरे कार्यक्रम की कमान संभल के युवा निर्यातक और हेवन क्राफ्ट एक्सपोर्ट (Heaven Craft Export) के ओनर जुनैद असलम को सौंपी गई है।
ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक तकनीक का संगम
संभल का हड्डी शिल्प सदियों पुराना है। जुनैद असलम इस ऐतिहासिक कला को आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। प्रशिक्षण के दौरान आज एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें लाभार्थियों को फील्ड विजिट पर ले जाया गया। इस दौरान उन्हें:

  • हैंडीक्राफ्ट कारखानों और छोटी फैक्ट्रियों का भ्रमण कराया गया।
  • सराय तरीन स्थित कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) में लगी करोड़ों रुपये की अत्याधुनिक मशीनों का प्रदर्शन किया गया।
  • इंटरनेशनल मार्केट की डिमांड के अनुसार बेस्ट क्वालिटी फिनिशिंग कैसे की जाए, इसका व्यावहारिक ज्ञान दिया गया।
  • सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाना लक्ष्य
  • कार्यक्रम के इंचार्ज जुनैद असलम ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप, उनका मुख्य उद्देश्य यह है कि अंतिम पायदान पर खड़ा हस्तशिल्पी भी सरकार की योजनाओं का लाभ ले सके। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि संभल का हुनरमंद कारीगर सिर्फ मजदूर न रहे, बल्कि वह आधुनिक तकनीक सीखकर अपना स्वरोजगार खड़ा करे और अंतरराष्ट्रीय मानकों के उत्पाद तैयार करे।”वैश्विक बाजार में हेवन क्राफ्ट का नाम जुनैद असलम की अपनी कंपनी, ‘हेवन क्राफ्ट एक्सपोर्ट’, वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संभल का गौरव बढ़ा रही है। उनके द्वारा निर्यात किए जा रहे उत्पाद अपनी गुणवत्ता के लिए विदेशों में मशहूर हैं। यही अनुभव वह अब प्रशिक्षण के जरिए नए लाभार्थियों के साथ साझा कर रहे हैं, ताकि संभल का हैंडीक्राफ्ट सेक्टर और मजबूत हो सके।
  • — सम्भल से सैय्यद दानिश

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