* विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर ध्यान और पिरामिड मेडिटेशन से तनाव प्रबंधन का दिया संदेश
बरेली। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर बीइंग स्पिरिचुअल फाउंडेशन के संस्थापक एवं स्पिरिचुअल वेलनेस कोच डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव, चिंता और नकारात्मक विचारों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य की शुरुआत अपने विचारों और भावनाओं को समझने से होती है।
इस अवसर पर डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने उपस्थित लोगों को मेडिटेशन, पिरामिड मेडिटेशन एवं ध्यान का सत्र कराया। संस्था के मीडिया प्रभारी आशीष जौहरी ने बताया कि नियमित ध्यान, सांसों पर एकाग्रता और विचारों के प्रति जागरूकता के माध्यम से रोजमर्रा के तनाव को बेहतर ढंग से संभालने में मदद मिल सकती है।जिसमें आध्यात्मिक गुरु डॉ धर्मेंद्र कुमार कई लोगो के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सफल हुए हैं।
वहीं डॉ धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि आध्यात्मिकता केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि अपने मन और भावनाओं को समझना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनकी आगामी पुस्तक ‘आंतरिक बदलाव’ में भी इसी विषय को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने गंभीर या लंबे समय तक बनी रहने वाली मानसिक परेशानी में योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेने की सलाह भी दी। इस अवसर पर सौरभ सिंह चौहान, त्रिलोकीनाथ, पूनम रानी, देवेंद्र कुमार, रजनीश कुमार, मयंक गुप्ता, आलोक कुमार, आभा सिंह, श्रीमती सुमन रानी, सुमित सक्सेना, आकाँशा, धीरज गुप्ता, आँचल वार्ष्णेय आदि उपस्थित रहे।
