भदपुरा, बरेली। जनपद के थाना क्योलड़िया क्षेत्र मे भदपुरा के पास अमीरनगर और आसपास के गांवों में पिछले करीब तीन महीनों से बना तेंदुए का खौफ मंगलवार को खत्म हो गया। वन विभाग की ओर से अमीरनगर के जंगल में लगाए गए पिंजरे में सोमवार रात तेंदुआ कैद हो गया। मंगलवार सुबह ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर डिप्टी रेंजर आनंद सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित कर लिया। मामला अमीननगर गुलड़ियाई गांव के जंगल का है। चार सितंबर को तेंदुआ बदन सिंह के घर के पास से कुत्तों को उठा ले गया था। इसके बाद गांव और आसपास के इलाकों में तेंदुए की दहशत बढ़ गई। ग्रामीणों ने शाम के बाद खेतों की ओर जाना कम कर दिया था। बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भी लोग चिंतित रहने लगे थे। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके बाद छह सितंबर को अमीरनगर के जंगल में पिंजरा लगाया गया। तेंदुए को आकर्षित करने के लिए पिंजरे में बकरी बांधी गई। वन विभाग की टीम करीब 16 दिनों तक तेंदुए के पिंजरे में फंसने का इंतजार करती रही। आखिरकार सोमवार रात तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। मंगलवार सुबह करीब छह बजे गांव के प्रताप सिंह जंगल की ओर गए तो उनकी नजर पिंजरे पर पड़ी। अंदर तेंदुए को कैद देखकर उन्होंने तत्काल ग्रामीणों और वन विभाग को सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन दरोगा राजू मौर्य, वेदप्रकाश, संजीव यादव और अकबर अली मौके पर पहुंचे और तेंदुए को सुरक्षित किया। रेंजर केके मिश्रा ने बताया कि तेंदुए का चिकित्सीय परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार उसे नजीबाबाद के घने जंगलों में छोड़ा जाएगा। तेंदुए की मौजूदगी से किसानों का शाम के समय खेतों में जाना प्रभावित हो रहा था। फसलों की सिंचाई और देखभाल के लिए भी ग्रामीणों को डर के बीच खेतों का रुख करना पड़ता था। अब तेंदुआ पकड़े जाने के बाद अमीरनगर और आसपास के गांवों में राहत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से बना डर खत्म होने से अब वे खेतों में बिना भय के काम कर सकेंगे और जनजीवन सामान्य हो सकेगा।।
बरेली से कपिल यादव
