बरेली। सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के अवसर शिवालयों में भोलेनाथ के साथ मणिधर का पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने नाथ मंदिरों में पहुंचकर शुभ संयोग में भगवान शिव का जलाभिषेक किया और पंचमुखी नाग को दूध अर्पित किया। तड़के से ही शहर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की कतारें लग गई। कांवड़ियों और शिवभक्तों ने गंगाजल से भोलेनाथ का जलाभिषेक कर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष किया। सप्तनाथ मंदिरों में विधि-विधान से रुद्राभिषेक और विशेष पूजन किया गया। भक्तों ने भगवान शिव के साथ शेषनाग का भी पूजन किया। जोगी नवादा स्थित वनखंडी नाथ मंदिर भोर से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। जलाभिषेक के लिए कतार में लगे श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे और मंदिर परिसर शिवभक्ति के जयघोष से गूंजता रहा। नागपंचमी मेले में बच्चों ने झूलों का लिया आनंद : नागपंचमी के अवसर पर गंगापुर स्थित नाग पंचमी के मेले में विशेष रौनक रही। इसके अलावा जिले में कई अन्य जगह पर मेले लगाए गए। मेले में झूलों के साथ ही चाट-पकौड़ी के ठेलों पर भारी भीड़ रही। बच्चे ने तरह-तरह के झूलों में मस्ती की और चाट-पकौड़ी का स्वाद लेते नजर आए। कैंट के मदारी की पुलिया स्थित मेले में भी खूब भीड़ रही। यहां गोगापीर मंदिर राजस्थान के बांगड़ जिले की प्रतीकात्मक छड़ें बनाकर सवा महीने तक पूजा की जाती है। फिर मदारी की पुलिया सदर में लाकर पंडाल में रखी जाती है। जहां लोग इसकी पूजा करते हैं। बाबा धोपेश्वर नाथ कमेटी के लोगों के मुताबिक इस मेले की परंपरा शंभू नाथ सिंह ने शुरू की थी। उनके परिवार की पीढ़ी के लोग इसे आगे बढ़ा रहे है। गुड़ियों के मेले का उठाया लुत्फ : गंगापुर मोहल्ला स्थित नागपंचमी मेला ग्राउंड में मंगलवार को गुड़ियों का मेला लगा। 75 वर्ष से अधिक पुरानी लोक संस्कृति और धार्मिक परंपरा से जुड़े मेले में हाथ से बनी कपड़ों की गुड़िया आज भी आकर्षण का केंद्र रहीं। क्षेत्रीय परिवारों, श्रद्धालुओं और बुजुर्गों ने परंपरा के अनुसार कच्चे दूध में काले चने व मिट्टी डालकर सर्प की बांबी, जंगल और मेला ग्राउंड स्थित मंदिर में चढ़ाया। इसके बाद मिट्टी को घर ले जाकर चारों कोनों में छिड़का। मेले में लगे झूलों का बच्चों और युवाओं ने जमकर आनंद लिया। कमेटी अध्यक्ष रूप किशोर लोधी ने बताया कि पहले मेले में कुश्तियां भी होती थी लेकिन संस्थापक बाबा मोहन गिरि के निधन के बाद यह परंपरा बंद हो गई।।
बरेली से कपिल यादव
