कमिश्नर की मीटिंग मे खुली पोल, 19 गौशालाएं अधूरी, लापरवाह अफसरों पर जल्द गिरेगी गाज

बरेली। गुरुवार को बरेली मंडल के कमिश्नर शंभू कुमार की समीक्षा बैठक में जब सरकारी सिस्टम की पोल खुली, तो उनका पारा चढ़ गया। मंडल की 19 अधूरी गौशालाएं, बदायूं में युवाओं के स्वरोजगार लोन पर बैंक की अड़चनें और शाहजहांपुर में योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए है। पशुपालन विभाग की समीक्षा में सामने आया कि मंडल में 19 गौशालाएं अभी भी निर्माणाधीन हैं। 107 गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं, लेकिन 100 गौशालाएं अभी भी कैमरों से लैस नहीं हैं। कमिश्नर ने सभी में कैमरे लगाकर हर जिले में कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए हैं। शाहजहांपुर में 16 ऐसी छोटी गौशालाएं मिलीं, जिनमें सिर्फ 50-100 गोवंश रखे जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर इन्हें बंद कर गोवंश को बड़े आश्रय स्थलों में शिफ्ट किया जाएगा। रात में सड़कों पर घूमते बेसहारा गोवंश के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए एक नया प्रयोग किया जाएगा। गोवंश के गले में रेडियम बेल्ट लगाई जाएगी। वाहनों की हेडलाइट पड़ते ही यह बेल्ट चमकेगी, जिससे चालकों को दूर से ही पशुओं का अंदाजा हो जाएगा। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत बदायूं में पात्र युवाओं को बैंक से ऋण मिलने में आ रही दिक्कतों पर कमिश्नर ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने संयुक्त आयुक्त उद्योग को लीड बैंक मैनेजर (LDM) से सीधे बात कर सभी अड़चनें दूर कराने को कहा है, ताकि युवा बैंकिंग प्रक्रियाओं में उलझकर न रह जाए। आईजीआरएस शिकायतों पर अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी गई है कि सिर्फ पोर्टल पर शिकायत को निस्तारित दिखा देना पर्याप्त नही होगा। अधिकारी शिकायतकर्ता को फोन कर उसकी संतुष्टि भी जानेंगे। पुलिस की मदद से बाल मजदूरी रोकने और रेस्क्यू किए गए बच्चों को शेल्टर होम पहुंचाकर उनकी पढ़ाई की व्यवस्था करने के निर्देश। शाहजहांपुर ‘मेरा तालाब, मेरी जिम्मेदारी’ में फिसड्डी: तालाबों की सफाई में शाहजहांपुर की स्थिति खराब मिली, जिसमें तेजी लाने को कहा गया है। पंचायती राज की कमजोर प्रगति: बदायूं और शाहजहांपुर में खराब प्रगति पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश। विद्युत विभाग की गलत रिपोर्टिंग: नलकूप और बिजली विभाग की गलत रिपोर्टिंग पकड़ में आने पर कार्यशैली सुधारने की चेतावनी दी गई। बैठक के अंत में कमिश्नर शंभू कुमार ने साफ किया कि पर्यटन परियोजनाओं समेत सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचना ही विकास की असली कसौटी है।।

बरेली से कपिल यादव

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