आशाओं का प्रदर्शन, हेल्थ कार्ड से लेकर मांगा राज्य कर्मचारी दर्जा

बरेली। आशा कार्यकत्रियों ने अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर विरोध-प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित एक मांग पत्र एसडीएम को सौंपा। इसमें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने, मासिक वेतन 10 हजार रुपये करने के अलावा अन्य मांगें शामिल है। गुरुवार को यूपी आशा वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर आशा कार्यकत्रियां बरेली जिला मुख्यालय पहुंचीं। यहां अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग में आशाओं का अहम योगदान है। इसके बावजूद उनका वेतन और सुविधाएं काफी कम है। जिलाध्यक्ष शिववती साहू ने कहा कि 16 फरवरी 2026 को उप मुख्यमंत्री और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में 13 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक समझौते को धरातल पर लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि आशाओं के आधार भुगतान को बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह करने और आशा संगिनियों के भुगतान में भी बढ़ोतरी का वादा किया गया था। उन्होंने आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी, पोलियो, फाइलेरिया, टीवी, कुष्ठ रोग, दस्तक, संचारी अभियान, जेएसवाई और नसबंदी समेत विभिन्न कार्यों की लंबित प्रोत्साहन राशियों का तत्काल भुगतान करने की मांग की। पोलियो, फाइलेरिया, दस्तक और संचारी अभियानों के लिए दैनिक 500 रुपये प्रोत्साहन राशि निर्धारित करने की भी मांग उठाई गई। यूनियन ने मातृत्व अवकाश चार माह करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा के अतिरिक्त पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा दो लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने तथा भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने और 45वें व 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशें लागू करने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान रूप देवी, कीर्ति कुमार, पूनम शर्मा, हीराकली, लीलावती, दीपा सिंह , अंगूरवती, वीरवाला, रूबी, सुंदरी, ओमवती, लता, मधुबाला, राजरानी, बृजकिशोरी, कमला, वंदना सक्सेना, बेबी, पिंकी, निशी, शकुंतला, रजनी देवी, ज्योति रीता, मिथलेश, शीला, पूनम देवी, कुसुम, रेनू, उमा देवी आदि मौजूद थी।।

बरेली से कपिल यादव

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