बरेली। कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में बरेली में दो दिवसीय आर्टिलरी इक्विपमेंट और हथियारों की प्रदर्शनी आयोजित की गई। इस प्रदर्शनी में कारगिल युद्ध के नायकों के साहस, बलिदान और वीरता का सम्मान किया गया। प्रदर्शनी के दूसरे दिन 15 स्कूलों के बच्चे भारतीय सेना के आधुनिक हथियारों को देखने पहुंचे। छात्रों ने सेना के आधुनिक हथियारों को करीब से देखा। वहां मौजूद सेना के जवानों ने उन्हें विस्तृत जानकारी दी। रक्षा जनसंपर्क अधिकारी शांतनु ने बताया कि प्रदर्शनी में भारतीय सेना द्वारा उपयोग किए जाने वाले कई कई तरह के आर्टिलरी इक्विपमेंट्स व हथियार शामिल हैं। इसमें निगरानी प्रणाली, संचार उपकरण और वायु रक्षा संपत्तियां भी प्रदर्शित की गईं। खास सैन्य उपकरण भी लोगों के लिए रखे गए थे। छात्रों और अन्य आगंतुकों को तोपखाना प्रणाली तथा अन्य युद्ध उपकरणों के बारे में जानने का अवसर मिला। उन्होंने सेना के जवानों से बातचीत कर देश की सीमाओं की सुरक्षा में उनकी अभियानगत भूमिका को समझा। यह प्रदर्शनी भारतीय सेना की शक्ति और तैयारी का प्रतीक थी। रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने प्रदर्शनी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इसका मुख्य मकसद छात्रों, एनसीसी कैडेटों, पूर्व सैनिकों और नागरिक प्रशासन के अधिकारियों को जानकारी देना था। उन्हें भारतीय सेना की अभियानगत तैयारी और तकनीकी तरक्की से अवगत कराया गया। सेना के जवानों ने विभिन्न हथियार प्रणालियों और उपकरणों के काम करने के तरीके और उनकी अहमियत समझाई। इस कार्यक्रम का एक और महत्वपूर्ण उद्देश्य युवा पीढ़ी को प्रेरित करना था। हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह ऑपरेशन विजय में भारत की जीत की याद दिलाता है। साथ ही, यह उन बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देता है जिन्होंने देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।।
बरेली से कपिल यादव
