बरेली। श्रीराम फाइनेंस कंपनी के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी और गबन के मामले में कंपनी के पूर्व कर्मचारी चंद्रभानु को किला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। उस पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर अवैध तरीके से 39 वाहनों की रकम हड़पने का आरोप है। सीओ टू अंजनी तिवारी ने बताया कि मामला 17 अप्रैल 2025 को श्रीराम फाइनेंस कंपनी के रीजनल बिजनेस हेड मुरसलीम की तहरीर पर किला थाने में दर्ज किया गया था। शिकायत में चंद्रभानु सहित कई कर्मचारियों के नाम थे। इन पर फर्जी नाम और कूटरचित दस्तावेज बनाकर वाहनों की रकम मालिकों से लेकर हड़पने का आरोप है। चंद्रभानु ने पुलिस को बताया कि वह 26 अप्रैल 2021 से श्रीराम फाइनेंस कंपनी में काम कर रहा था। उसने सौरभ शर्मा और ललित कुमार यादव के साथ मिलकर धोखाधड़ी की। वे ग्राहकों से दोपहिया वाहनों की कुल कीमत का आधे से ज्यादा रुपया नकद ले लेते थे। बाकी रकम को फाइनेंस करते थे। वे ग्राहकों के आधार कार्ड और पैन कार्ड में छेड़छाड़ कर कंपनी को भेजते थे। इससे कंपनी ग्राहकों का पता नही लगा पाती थी। चंद्रभानु और सौरभ शर्मा फाइलें तैयार करते थे जो ब्रांच मैनेजर जुनैद सैफी के पास जाती थी। रिकवरी मैनेजर ललित कुमार यादव इन फाइलों को सत्यापित करता था। इस तरह 39 बाइकों के ग्राहकों से रकम लेकर चंद्रभानु व उसके साथियों ने हड़प ली। सीओ ने बताया कि आरोपी का चालान कर दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।।
बरेली से कपिल यादव
