बरेली। कोहाड़ापीर-कुदेशिया रोड पर दुकाने टूटने के बाद सबसे ज्यादा असर छोटे-मोटे कारोबार कर रोज कमाने खाने वालों पर पड़ा है। दोपहिया वाहनों की मरम्मत करने वाले मिस्त्री फुथपाथ औजार रखकर तेज धूप और धूल के बीच बाइक-स्कूटी की मरम्मत कर रहे हैं ताकि घर का चूल्हा जलता रहे। वही जिन दुकानों पर लाल निशान लगाए गए है। उनके दुकानदार कामधंधा छोड़कर खुद ही अपने निर्माण तोड़ने में जुटे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि अगर बुलडोजर चला तो वह हिस्सा भी टूट जाएगा जो अतिक्रमण की जद में नहीं है। दुकानदारों का कहना है कि वर्षों से चल रहे कारोबार को अचानक अवैध बताकर तोड़ दिया गया। उन्हें मोहलत के नाम पर सिर्फ एक सप्ताह दिया गया। ऐसे में फुटपाथ ही सहारा बचा है, यहां भी भविष्य अनिश्चित है।।
बरेली से कपिल यादव
