बरेली। शहर मे सीएम ग्रिड योजना के तहत धर्मकांटा चौराहे से कोहाड़ापीर तक मार्ग को चौड़ा करने की कवायद में प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर का सवा मीटर हिस्सा वाधा बन रहा था। नगर निगम की कार्रवाई से पहले ही मंदिर की देखरेख करने वालों ने आगे आकर चिन्हित हिस्से को तोड़ना शुरू कर दिश्या है। पूरी सावधानी के साथ रात में मंदिर के अगले हिस्से को हटाने का शुरू किया गया, ताकि मुख्य ढांचे को कम से कम क्षति पहुंचे। जानकारी के अनुसार, सूद धर्मकांटा चौराहे पर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर निरंजनी अखाड़े की देखरेख मे है। निरंजन पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद जी महाराज समय समय पर यहां आकर प्रवास करते हैं और उनका आर्शीवाद लेने को भक्तों की भीड़ उमड़ती है। सड़क के चौड़ीकरण मे वाधा बन रहे मंदिर के कुछ बाहरी हिस्से को लेकर नगर निगम ने 22 फरवरी को महामंडलेश्वर के नाम से नोटिस जारी किया था। लाल निशान लगवाया था। निर्माण को खुद हटाने की सीमा भी तय की गई थी। ऐसा न होने पर हर्जाना वसूलने की बात भी नोटिस में कही गई थी। पूर्व में इसी मार्ग पर लगभग 40 दुकानों और मकानों पर निगम कार्रवाई भी कर चुका है। मंदिर की देखरेख करने वाले लोग सड़क चौड़ीकरण में सहयोग के लिए खुद आगे आ गए हैं और खुद निर्माण हटवाना शुरू कर दिया है। बताया गया है कि महाराज की सहमति के बाद मंदिर के अग्रभाग का कुछ हिस्सा हटाकर हनुमान जी की दिव्य मूर्ति को पीछे शिफ्ट करने की तैयारी है। क्षेत्रीय भाजपा पार्षद विपुल लाला ने कहा कि नोटिस की मियाद खत्म होने और सड़क निर्माण की अनिवार्यता के कारण दूसरा रास्ता नहीं बचा है। मंदिर की देखरेख करने वाले देवांग के मुताबिक महाराज जी को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। गुरूजी की की सहमति के बाद ही यह कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंदिर का अगला हिस्सा टूटने के कारण अब पंचमुखी हनुमान जी की दिव्य मूर्ति को भी पीछे की ओर शिफ्ट किया जाएगा। देर रात मजदूरों की टीम मंदिर के अतिक्रमण वाले हिस्से को सावधानीपूर्वक हटाने में जुटी नजर आई।।
बरेली से कपिल यादव
