बरेली। तीन करोड़ रुपये की आतंकी फंडिंग के लिए मोबाइल व आधार का इस्तेमाल बताकर साइबर ठगों ने प्रेमनगर के एक परिवार को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इस दौरान ठग गिरोह ने खुद को पुणे एटीएस के अफसर बताकर धमकाया और जेल भेजने की धमकी दी। मगर दंपति के बेटे ने बार-बार इसे ठगी का मामला बताया और उनके किरायेदार भी इसकी पुष्टि की। जिसके बाद कॉल काटकर वे लोग ठगी से बच गए। इस मामले मे थाना प्रेमनगर मे मुकदमा दर्ज कराया गया है। प्रेमनगर के मोहल्ला सुर्खा के चंद्रशेखर आजादनगर निवासी संजय कुमार ने पुलिस को बताया कि वह प्राइवेट नौकरी करते हैं और उनकी पत्नी राशी सक्सेना निजी स्कूल मे पढ़ाती है। उनका बेटा तन्मय आठवी का छात्र है। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे एक व्यक्ति ने संजय को कॉल करके बताया कि वह पुणे एटीएस से बोल रहा है। उनके मोबाइल और आधार नंबर का तीन करोड़ रुपये की आतंकी फंडिंग में इस्तेमाल हुआ है। जिसको लेकर अधिकारी उनसे पूछताछ करेंगे। इसके बाद पूरे परिवार को वीडियो कॉल पर लेकर निगरानी मे ले लिया गया। राशी सक्सेना के नाम से पुणे कोर्ट का अरेस्ट वारंट और खातों को सीज करने ऑर्डर स्क्रीन पर दिखाकर उन लोगों से पूछताछ कर धमकाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने संजय और उनकी पत्नी राशी को धमकाते हुए कहा कि दो घंटे मे दिल्ली पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए पहुंचेगी। बैंक खातों मे लेनदेन चेक करने के नाम पर उनकी बैंक और आधार कार्ड की डिटेल ले ली। आरोपियों ने उन्हें धमकाते हुए कमरे से बाहर निकलने पर भी पाबंदी लगा दी। इससे वे लोग दहशत मे आ गए। इससे राशी सक्सेना की तबीयत बिगड़ने लगी। पत्नी की तबीयत खराब होने पर उन्होंने अस्पताल ले जाने को कहा तो ठग बाहर न जाने का दबाव बनाने लगे। संजय ने पुलिस को बताया कि वीडियो कॉल के दौरान ही उनके बेटे तन्मय ने इसे ठगी का मामला बताया लेकिन उन्होंने उसे बच्चा समझकर चुप करा दिया। मगर तन्मय ने फिर भी चुपके से कुछ समय की वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग कर ली और ऑनलाइन दिखाए गए वारंट के स्क्रीनशॉट ले लिए। वही बेटा बार-बार इसे ठगी का मामला बताकर साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करने की बात कह रहा था तो उन्होंने किसी तरह अपने किरायेदार को इसकी जानकारी दी तो उसने भी ठगी का मामला बताया। इस पर रात एक बजे उन्होंने कॉल काट दी। मंगलवार सुबह संजय और उनकी पत्नी राशी सक्सेना ने थाना प्रेमनगर पहुंचकर इंस्पेक्टर सुरेंद्र पाल सिंह को पूरे मामले की जानकारी दी तो उन्होंने भी इसे ठगी का मामला बताया। उन्होंने तत्काल साइबर टीम को लगाकर उनके बैंक खाते को सुरक्षित कराकर उसमें जमा करीब छह लाख की रकम ट्रांसफर से बचा ली। जानकारी मिलने पर एसपी सिटी मानुष पारीक ने भी थाना प्रेमनगर पहुंचकर दंपति से जानकारी ली और मोबाइल नंबर धारक ठग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।।
बरेली से कपिल यादव
