यक्ष एप से हुई बदमाशों की पहचान तो खुला अपहरण का खेल

बरेली। बड़ा बाईपास पर हादसे मे मरने वाले अपहरणकर्ताओं की पहचान यक्ष एप के जरिये हुई। उनका आपराधिक इतिहास और बोलेरो मे दो बच्चों की मौजूदगी ने पुलिस को सतर्क किया और फिर एक मृतक के पिता को हिरासत में लेकर सख्ती की तो पूर मामला उजागर हो गया। डीआईजी अजय साहनी ने बताया कि रविवार शाम बड़ा बाईपास पर हुए हादसे में बोलेरो सवार तीन व्यक्तियों की मौत हो गई। उसमे सवार चौथा व्यक्ति और दोनों बच्चे बेहोश थे। पुरुषों के साथ बच्चे देखकर सीबीगंज पुलिस सतर्क हो गई। ऐसे में किसी बड़ी घटना की आशंका को देखते हुए मृतकों के फोटो डालकर यक्ष एप पर जांच की गई। इसमें तीनों मृतक, फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर गांव निवासी मनमोहन सिंह, पीलीभीत में अमरिया तहसील के कल्याणपुर चक्रतीर्थ निवासी सिकंदर और रामपुर में विलासपुर थाना क्षेत्र के गांव रमनपुर कुर्तिया निवासी विशेष यादव के अपराधी होने की पुष्टि हो गई। रमनपुर कुर्तिया निवासी बोलेरो चालक प्रिंस यादव की जांच की गई तो उसका भी आपराधिक इतिहास सामने आ गया। ऐसे में पुलिस ने मनमोहन के पिता नत्थूलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरा मामला उजागर हो गया। उसकी निशानदेही पर बच्चों के पिता मनोज को बरामद कर लिया गया। इसे बाद मनोज ने बताया कि चार अप्रैल की शाम करीब साढ़े सात बजे गुरुग्राम के डीएलएफ फेस-01 थाना क्षेत्र से ये बदमाश उसका और उसके दो बेटों (छह वर्षीय मयूर और तीन वर्षीय लक्ष्य) का अपहरण करके लाए थे। पूरे मामले का खुलासा होने के बाद गुरुग्राम से डीएलएफ फेस-01 थाने से पुलिस की एक टीम बरेली आ गई है। उसी टीम की निगरानी में घायल बोलेरो चालक प्रिंस यादव का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इंस्पेक्टर सीबीगंज प्रदीप चतुर्वेदी ने बताया कि प्रिंस के पैर में फ्रैक्चर है और अन्य चोटें भी लगी हैं। मनमोहन के पिता नत्थूलाल से भी गुरुग्राम पुलिस पूछताछ कर रही है। उनकी भूमिका स्पष्ट होने के बाद पुलिस उन्हें लेकर गुरुग्राम जाएगी। हादसे में घायल दोनों बच्चों की हालत में भी सुधार है।।

बरेली से कपिल यादव

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