बरेली। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को बरेली में प्रेसवार्ता कर आमजन से गोमाता की रक्षा के मुद्दे पर वोट करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह तीन मई से 23 जुलाई तक यूपी के हर विधानसभा में जाकर लोगों को गौमाता के मुद्दे पर जागरूक करेंगे। उनकी मंशा है कि गोमाता पर चोट करने वालों पर वोट की भी चोट हो और विचारों पर भी चोट हो। मध्यपूर्वी देशों में हो रहे युद्ध पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यह वर्चस्व की लड़ाई है। वर्चस्व की लड़ाई में न्याय-अन्याय नहीं देखा जाता। हालांकि इस स्थिति में विश्व के विद्वान लोगों को सामने निकलकर आना चाहिए और लोगों को बताना चाहिए कि क्या सही है और क्या गलत है। तीन देश लड़ रहे हैं लेकिन इसका असर दुनियाभर के हर घर के लोगों पर पड़ रहा है। लखनऊ से ऋषिकेश जाते समय रविवार को बरेली के देवभूमि इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में प्रेसवार्ता के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि इनकी सरकार बनने के बाद गौहत्या मे कमी आएगी लेकिन ऐसा नही हुआ। सरकार बदले या न बदले यह राजनीतिक प्रश्न है, हमारी आकांक्षाएं पूरी होनी चाहिए। हम न तो इस पार्टी में हैं और न ही उस पार्टी में। अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि पिछले दिनों अलंकार अग्निहोत्री ने उनसे मिलकर नई पार्टी बनाने की जानकारी दी थी। इस पर उन्होंने अलंकार से कहा कि जो अच्छा काम करेगा, वह उसका समर्थन करेंगे। एक सवाल के जवाब में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यदि देश में जनसंख्या बढ़ानी जरूरी है तो आरएसएस के प्रचारक खुद उदाहरण बनकर दिखाएं। एक तरफ सरकार कह रही है कि देश में जनसंख्या का विस्फोट हो रहा, दूसरी तरफ ये जनसंख्या बढ़ाने की बात कह रहे हैं। दूसरों के ऊपर बोझ लादने की बात न करें, स्वयं विवाह करके जनसंख्या बढ़ाकर दिखाएं।।
बरेली से कपिल यादव
