बरेली। रहमत, मगफिरत और निजात का तोहफा लेकर आए रमजान का पहला दिन बेहद खुशगवार रहा। मस्जिदे नमाजियों से फुल रही। भोर से रात तक इबादत का सिलसिला चला। इफ्तार के वक्त मुस्लिम बहुल इलाको में रौनक विखरी रही। जरूरतमंदों की मदद के पैगाम आम हुए। मुल्क की तरक्की और सलामती के लिए दुआओं में हाथ उठे। शुक्रवार को रमजान का पहला जुमा है। नमाज के लिए मस्जिदों मे विशेष तैयारियां की गई है। गुरुवार को पहला रोजा 12 घंटे 49 मिनट का रहा। मौसम सदावहार रहा। रोजेदारों के चेहरे खिले रहे। दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी के मुताविक शहर की सभी मस्जिदों, दरगाहों और खानकाहों में जुमा की नमाज की तैयारियां है। किला स्थित जामा मस्जिद में दोपहर 1:30 बजे नमाज होगी। आखिर में दरगाह आला हजरत स्थित रजा मस्जिद में दोपहर 3 बजे नमाज अदा की जाएगी। रमजान का महीना तमाम बरकतें लेकर हाजिर है। उलमा ने नमाज के दौरान रोजेदारों को पैगाम दिया कि इबादत करें। गुनाहों से माफी मागे। जरूरतमंदों की मदद करें। ये ख्याल रखें कि अपने आस-पास कोई भी व्यक्ति, रोजेदार भूखा न रहे। सबकी जरूरतों का ध्यान रखें। रमजान को पहले रोजे के मौके पर गुरुवार शाम इज्तार के समय बाजार में रौनक रही। रोजवारों ने रोजा इफ्तार के लिए खजूर के साथ फलों की जमकर खरीदारी की। शहर के कुतुब खाना, शहामतगंज, किला पुराना शहर, सैलानी आदि क्षेत्र में शाम 4:00 से 6:00 बजे तक लोग रोजा इफ्तार के लिए खरीदारी करते रहे। घरों में पकवान बनाए गए।।
बरेली से कपिल यादव
