बरेली। एसआईआर के दौरान एएसडी मे दर्ज 716156 नामों को ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटा दिया गया। इसके चलते ड्राफ्ट मतदाता सूची में लिंगानुपात बिगड़ गया है। पहले 1000 पुरुषों पर 872 महिलाएं दर्ज थी। अब इनकी संख्या घटकर 815 हो गई है। प्रशासन महिला वोटर की संख्या बढ़ाने को स्पेशल ड्राइव चल रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत जिले की नौ विधानसभाओं में 3405820 वोटर को गणना प्रपत्र वितरित किए जाने थे। चार नवंबर से 26 दिसंबर तक चली प्रक्रिया के बाद 79.01 फीसदी यानि 3405820 मतदाताओं के फार्म डिजिटाइज किए गए। जिन मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र विधिवत भरकर जमा किये, उन सभी के नामों को सम्मिलित करते हुए निर्वाचक नामावलियों का ड्राफ्ट 6 जनवरी को जारी किया गया। ड्राफ्ट में 2691067 मतदाताओं को शामिल किया गया, जिसमें 1482546 पुरुष, 1208468 महिला और 53 थर्ड जेंडर है। 716509 मतदाताओं के नाम एएसडी वोटर के रुप मे दर्ज किए गए। इनको आलेख्य प्रकाशित मतदाता सूची में शामिल नहीं किया गया। इनमें महिला वोटर की संख्या अधिक थी। इस कारण ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में पुरुष वोटर के मुकाबले महिलाओं की संख्या कम हो गई। एसआईआर के पहले जहां 1000 पुरुषों पर 872 महिलाएं दर्ज थी। अब इनकी संख्या घटकर 815 रह गई। लिंगानुपात बिगड़ने को शासन-प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। अब महिला वोटर की संख्या बढ़ाने को प्रशासन स्पेशल ड्राइव चला रहा है। स्वयं सहायता समूह की भी ली मददः उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को वोटर बनाने के लिए फार्म भरवाये जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त डिग्री कॉलेज विशेष रूप से महिला डिग्री कॉलेजों, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज में ड्राइव चलाई जा रही है। ऑनलाइन फॉर्म 6 भरने के तरीके भी बताए जा रहे है। नए वोट बनने को हुए 1.54 लाख आवेदनः जिले में अब तक 154626 लोगों ने नए वोट को आवेदन किया है। 23863 आवेदन के साथ शहर विधानसभा इसमें सबसे आगे चल रही है। मीरगंज में सबसे कम 10834 आवेदन हुए है।।
बरेली से कपिल यादव
