बरेली। संतों के अपमान और यूजीसी के नए कानूनों का विरोध करते हुए इस्तीफा देने वाले निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री मंगलवार देर शाम पीलीभीत से बरेली पहुंचे पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें आरोप पत्र मिल गया है। उसमें जो बिंदु शामिल है वह हास्यास्पद है। उन्होंने समाज के उत्थान के लिए देशभर मे लड़ाई लड़ने की बात दोहराई। मंगलवार रात करीब 9:30 बजे अलंकार अग्निहोत्री परशुराम धाम पहुंचे। इस दौरान समर्थकों ने अलंकार जिंदाबाद के नारे लगाते हुए उनका स्वागत किया। पत्रकार वार्ता के दौरान अलंकार ने भाजपा और प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर घेरा। अलंकार ने कहा कि उन्होंने शंकराचार्य का आशीर्वाद लेकर इस देशव्यापी आंदोलन को हुंकार भर दी है। उन्होंने निलंबन के आदेश पर जानकारी दी कि आरोप पत्र उन्हें मिला है। इसमें जो बिंदु शामिल किए गए हैं वो हास्यास्पद हैं। अगर मैंने अपने इस्तीफे मे जन विरोधी नियमो समेत अन्य का हवाला दिया है तो ये मेरा अधिकार है। हालांकि आरोप पत्र का जवाब विधि सलाह के बाद दिया जाएगा। 6 फरवरी तक केंद्र सरकार ने एससी-एसटी एक्ट कानून को वापस नही लिया तो 7 फरवरी को समर्थकों के साथ दिल्ली कूच किया जाएगा। इस मौके पर समर्थ मिश्रा, पंडित गजेंद्र पांडेय, सोहन लाल शर्मा, अवनीश चौबे, अरेन्द्र मिश्रा, अनिकेत शर्मा रहे। अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि देश और समाज हित को लेकर जगह-जगह जाना होगा। इसलिए अगर जरूरत पड़ी तो दिल्ली भी दूर नही है। वहां भी जाकर आंदोलन को बढ़ावा दिया जाएगा।।
बरेली से कपिल यादव
