सम्भल। शनिवार को सम्भल–गजरौला रेल लाइन की मांग को लेकर डॉ. नाजिम के नेतृत्व में लोगों ने सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपकर केन्द्र सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से रेल लाइन का अनुरोध किया गया ताकि आने वाले बजट में सम्भल–गजरौला रेल लाइन को स्वीकृति मिल सके। डॉ. नाजिम ने बताया कि सम्भल की जनता पिछले करीब 50 वर्षों से इस रेल लाइन की मांग करती आ रही है, लेकिन अब तक यह सपना साकार नहीं हो सका। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि कई बुजुर्ग, जिनमें सत्यपाल सैनी और वैद्य सक्सेना जैसे लोग शामिल हैं, इस उम्मीद में बूढ़े हो गए और कुछ लोग तो इस दुनिया से चले भी गए, लेकिन उन्हें इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया। अब मौजूदा पीढ़ी चाहती है कि कम से कम उनके जीवनकाल में यह मांग पूरी हो। डॉ. नाजिम के अनुसार, अगर सम्भल से गजरौला तक रेल लाइन शुरू होती है तो इससे क्षेत्र के शिक्षा स्तर में सुधार होगा, व्यापार को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। खासतौर पर गरीब और मजदूर वर्ग को इसका बड़ा लाभ मिलेगा, जो सस्ती और सुगम यात्रा के जरिए दिल्ली, अलीगढ़ और इलाज के लिए लखनऊ जैसे शहरों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह रेल लाइन सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि सम्भल के सामाजिक और आर्थिक विकास की रीढ़ साबित होगी। अब देखना यह है कि सरकार इस लंबे समय से लंबित मांग पर कब तक सकारात्मक फैसला लेती है।
– सम्भल से सैय्यद दानिश
