बरेली। आईएसटीपी (अंतरराज्यीय परिवहन परमिट) के बिना उप खनिजों का बरेली में बड़े स्तर पर परिवहन हो रहा है। आमतौर पर नैनीताल रोड पर ही टीम जांच करती है मगर पीलीभीत के रास्ते भी इनको लाया जा रहा है। बीते दिनों कमिश्नर ने इसको लेकर चारों जिलों के डीएम को पत्र भी लिखा था। बड़ी संख्या में आईएसटीपी के बिना उपखनिजों का परिवहन उत्तराखंड से पीलीभीत होते हुए बरेली को किया जारहा है। इससे बड़े स्तर पर आईएसटीपी की टैक्स चोरी हो रही है। मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए पिछले वर्ष नवंबर में चारों जिलों के डीएम को पत्र भेजा था। उन्होंने जनपद स्तरीय कार्यबल के गठित होने के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की थी। एक बार फिर उन्होंने सघन चेकिंग का निर्देश दिया है ताकि आईएसटीपी की कर-चोरी को रोका जा सके। आईएसटीपी की टैक्स चोरी को लेकर ट्रक आनर्स ट्रांसपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन भी मुखर है। संगठन ने डीएम को ज्ञापन देकर खनन विभाग के अधिकारियों पर भी मिली भगत के आरोप जड़े है। बरेली मे उत्तराखंड के उधम सिंह नगर से आईएसटीपी के बिना खनन की गाड़ियां आती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए इंटर स्टेट मीटिंग की तैयारी चल रही है। डीएम अविनाश सिंह ने इसे लेकर उधम सिंह नगर के डीएम को पत्र भी भेजा है। जल्द ही यह बैठक आयोजित की जाएगी। पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि, डंपर चलने का खेल नंबर प्लेट बदलकर किया जाता है। कई डंपर स्कूटी और ई-रिक्शा के नंबर प्लेट लगाकर दौड़ते हैं तो कई नंबर प्लेट के नंबर को किसी न किसी तरह से छिपा देते हैं, जिससे कई बार जब चालान किया जाता है तो वह उन ट्रकों का नहीं होता है। पुलिस ने जिन ट्रकों को जब्त किया है उनमें भी कई ट्रक ऐसे हैं जो स्कूटी और ई-रिक्शा की नंबर प्लेट पर चल रहे हैं तो कई की नंबर प्लेट के नंबर छिपे हैं। पुलिस ने सभी की जानकारी एआरटीओ से मांगी है।।
बरेली से कपिल यादव
