मुवक्किल की पीड़ा समझकर न्याय दिलाना अधिवक्ता का कर्तव्य- जस्टिस भनोट

बरेली। अधिवक्ताओं को अपने दायित्व का निर्वहन संवेदनशीलता के साथ करना है, आप बहुत बड़ा काम कर रहे हैं। न्यायिक कार्य में बार का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। मुवक्किल की पीड़ा को समझना और उसे न्याय दिलाना अधिवक्ता का कर्तव्य है। अधिवक्ताओं की समस्याओं के निराकरण का भी हम अपने स्तर से हरसंभव प्रयास करेंगे। यह बातें प्रशासनिक जज उच्च न्यायालय इलाहाबाद जस्टिस अजय भनोट ने शुक्रवार को बार एसोसिएशन पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान कही। प्रशासनिक जज उच्च न्यायालय इलाहाबाद जस्टिस अजय भनोट जनपद एवं सत्र न्यायालय के निरीक्षण के लिए दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को पहुंचे। वह शनिवार को बिशप कॉनरॉड स्कूल में आयोजित कार्यक्रम मे हिस्सा लेंगे। वह इस स्कूल के पूर्व छात्र रहे है। इससे पूर्व जिला जज प्रदीप कुमार सिंह ने उन्हें पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। न्यायालय परिसर में पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद जजी परिसर में पौधरोपण किया। न्यायिक कामकाज का भी कर निरीक्षण किया। बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने भी उनसे मुलाकात समस्याओं से अवगत कराया। न्यायालय परिसर स्थित सभागार मे शुक्रवार शाम 5 बजे आयोजित कार्यक्रम मे बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनोज कुमार हरित और सचिव दीपक पाण्डेय ने पदाधिकारियों के साथ प्रशासनिक जज अजय भनोट का बुके देकर स्वागत किया। इस दौरान बार पदाधिकारियों व वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने वकालत के दौरान आ रहीं समस्याओं से अवगत कराया, भनोट व जिला जज ने शीघ्र ही समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। इस दौरान बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष मौजूदा सदस्य शिरीष मेहरोत्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल भटनागर, पूर्व डीजीसी राजेश यादव, कमिश्नरी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष केसी पाराशरी, फरीदपुर, नवाबगंज, बहेड़ी बार के पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किये। वरिष्ठ अधिवक्ता शशी कान्त शर्मा, नन्द किशोर भगत, शीलम कन्नौजिया, इस्लाम, विपिन शर्मा, राहुल देवराज, अब्दुल इमरान, एमआर मलिक, चमन आरा, क्षितिज यादव, धर्मवीर सिंह, अनुपम अग्रवाल, मोबीन अंसारी, शमा, विवेक, नितिन मिश्रा, विशाल यादव, अभिनव शील समेत काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।।

बरेली से कपिल यादव

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