आंवला, बरेली। विकास कार्यों की जांच करने आंवला पहुंची टीएसी को कई कामों में धांधली मिली है। तहसील के पास नाला निर्माण मे खामियां मिली तो वही स्टेशन रोड पर स्ट्रीट लाइट के 30 खंभे पुराने लगे मिले। शुक्रवार को टीम ने पांच विकास कार्यों की जांच की। अन्य विकास कार्यों की जांच अभी जारी है, इसके बाद रिपोर्ट अपनी रिपोर्ट कमिश्नर को भेजेगी। ग्राम्य विकास विभाग के प्राविधिक परीक्षक राजेश कुमार, सहायक नीरज सक्सेना ने शुक्रवार को टीम के साथ सबसे पहले तहसील के पास निर्मित नाले का जायजा लिया। टीम को नाले की गुणवत्ता काफी खराब मिली। डीपीसी मानक के अनुरूप नहीं पाई गई और नाले की दीवारों से पानी का कई स्थानों पर रिसाव भी हो रहा था। मिर्जापुर में सीसी रोड खोद कर देखी गई। मोहब्बतगंज गौटिया में अंतेष्टि स्थल पर बिछाई गई इंटर लॉकिंग की पैमाइश की गई। डैफोडिल स्कूल के पास व मिर्जापुर में वाटर कूलर चालू पाए गए। स्टेशन तिराहे से सरगम रिसार्ट तक स्ट्रीट लाइट के 50 नए और 30 पुराने पोल लगे पाए गए। इस पर अधिशासी अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि पुराने पोलों की केवल मरम्मत कराई गई है। टीम ने बताया कि चार फाइलें हैं, जिनमें से एक की अभी जांच की गई है। जांच जारी रहेगी। इस दौरान अवर अभियंता प्रमोद कुमार, पीडब्लूडी जेई अजीम शाहनबाज और शिकायतकर्ता विशंबर दयाल साथ थे। सभासद सूरज पाल मौर्य, माया, सचिन गुप्ता, रानी देवी, अनुप्रिया और गौसिया चौक मोहल्ले के विशम्भर दयाल ने नौ सितंबर को मंडलायुक्त को शिकायती पत्र देकर आंवला में घटिया निर्माण कराने, सरकारी धनराशि का दुरुपयोग आदि का आरोप लगाया गया था। इस दौरान जेई प्रमोद कुमार, पीडब्ल्यूडी जेई अजीम शाहनबाज, शिकायतकर्ता विशंभर दयाल साथ रहे।।
बरेली से कपिल यादव
