राजस्थान/बाड़मेर- दिव्यांगजनों के लिए कार्य करने वाली राष्ट्रीय संस्था व अन्य संगठनों के सहयोग से रामदेवरा पोकरण में लगाये गए लोकदेवता बाबा रामदेव नेत्रकुम्भ 2025 को देखने पूरे देश से जनप्रतिनिधियों व वरिष्ठ जनों के आगमन अनवरत बना हुआ है। आज भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी, बाड़मेर विधायक श्रीमती प्रियंका चौधरी, मेड़ता विधायक लक्ष्मणराम मेघवाल, पूर्व विधायक शैतान सिंह राठौड़, जैसलमेर जिलाध्यक्ष दलपत हींगड़ा, बाड़मेर के जिलाध्यक्ष अनन्त बिश्नोई, प्रदेश मंत्री आईदान सिंह भाटी, नगर पालिका पोकरण अध्यक्ष मनीष पुरोहित, पंचायत समिति साकड़ा प्रधान भगवत सिंह तंवर व श्रीमती नीलम मूंदड़ा सहित कई जनप्रतिनिधी नेत्रकुम्भ महाजाँचशिविर में पधारे। इस अवसर पर पधारे सभी अतिथियों ने पंजीकरण से लेकर चश्मा प्रदान करने की प्रक्रिया का अवलोकन किया और लाभार्थियों के बनाई गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नेत्रकुम्भ के अवलोकन के पश्चात पधारें वरिष्ठ जनों ने विराट संख्या में उपस्थित लाभार्थियों को सम्बोधित भी किया।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने अपने प्रेरणादायक सम्बोधन में माध्यम से सभागार में उपस्थित लाभार्थियों को कहा ‘आँखें जीवन का सबसे अनमोल धन है’ सक्षम द्वारा आयोजित यह नेत्र जाँच शिविर मरूवासियों व प्रदेश की जनता के लिए अद्भुत पहल है जिसके माध्यम से सभी को श्रेष्ठ गुणवत्तायुक्त नेत्र जाँच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। सभा मे उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों व वरिष्ठ जनों ने सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर में पधारें और दो सितम्बर तक यहाँ उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठाकर अपनी आँखों को स्वस्थ बनाएँ और नेत्र स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें।
प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने शिविर स्थल पर पहुँचकर ओपीडी, चश्मा घर एवं अन्य प्रबंध व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। सभी अतिथियों ने व्यवस्थाओं को अत्यंत उपयुक्त, प्रेरणादायक और अनुकरणीय पाया तथा सक्षम संस्था की इस अनूठी पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। आरम्भ से लेकर अभी तक शिविर में पधारे 1400 से अधिक लाभार्थियों ने स्व-प्रेरणा से मरणोपरांत अपने नेत्रदान करने का संकल्प पत्र भरे हैं जिसे जान कर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने अत्यंत गर्व व खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि “नेत्रदान का यह संकल्प समाज के लिए एक अभूतपूर्व कार्य है। नेत्रदान को महादान कहा जाता है क्योंकि यह किसी और को रोशनी प्रदान करता है। हर व्यक्ति को इस पुण्य कार्य से जुड़ना चाहिए।”
शिविर में नि:शुल्क नेत्र जाँच, चश्मा वितरण और परामर्श सेवाएं लगातार जारी हैं। संस्था के स्वयंसेवक अनुशासित रूप से सेवा कार्य में जुटे हुए हैं। अतिथियों ने कहा कि इस तरह की पहल समाज में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ाने के साथ-साथ सेवा, अनुशासन और जनसहभागिता की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत करती है। कल तक 5308 लोगों का पंजीकरण हुआ, 5213 लोगो को परामर्श प्रदान किया गया और 3706 लाभार्थियों को निःशुल्क चश्में ओर 3843 रोगियों को दवाइयाँ प्रदान की गई।
– राजस्थान से राजूचारण