बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। कार्तिका पूर्णिमा पर रामगंगा मे स्नान के दौरान डूब रही बालिका को बचाने के लिए नदी में कूदे प्रदीप का शव तीन दिन बाद गुरुवार को मिल गया। पीएसी की बटालियन उसकी खोज मे बुधवार की सुबह से लगी थी। मृतक के पिता रामेश्वर दयाल ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। उसके बाद पुलिस ने मृतक प्रदीप का पंचनामा भर शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। जैसे ही मृतक के शव निकलने की खबर उसके घर पहुंची तो उसे घर मे कोहराम मच गया। मृतक प्रदीप के छोटे भाई करन ने बताया कि वह चार बहन भाई है। आपको बता दें कि फतेहगंज पश्चिमी के गांव भोलापुर शंखापुर मे कार्तिक मेला मे गंगा स्नान करने गए बहादुरपुर के सूरजलाल अपने बेटे और बेटी मानसी के साथ स्नान कर रहे थे। इसी बीच उनका बेटा डूबने लगा। पिता ने उसको बचा लिया लेकिन इस दौरान उनकी बेटी मानसी डूबने लगी। मानसी को बचाने के लिए नेमचंद और उसका भाई प्रदीप ने पानी मे छलांग लगा दी। इस दौरान प्रदीप और उसका भाई नेमचंद भी डूबने लगा। वहां मौजूद लोगों ने नेमचंद को बचा लिया लेकिन प्रदीप डूब गया। मंगलवार को दिन भर गोताखोर दोनो की तलाश करते रहे लेकिन उसे सफलता नही मिली। बुधवार को पीएसी बटालियन लगाई थी। गुरुवार की दोपहर को प्रदीप का शव मिल गया लेकिन मानसी का अभी तक कुछ पता नही चला है।।
बरेली से कपिल यादव
