सदियों से समाचारों की विश्वसनीयता ही होती है पत्रकारों की असली पहचान : राजू चारण

बाड़मेर /राजस्थान- पत्रकारों द्वारा लिखे गये या न्यूज चैनल्स पर दिखाये गये समाचारों की विश्वसनीयता ही उसकी अपनी पहचान होती है आज डिजिटल मीडिया के दौर मे समाचारों को सबसे पहले दिखाने की होड़ मे पत्रकार समाचारों की विश्वसनीयता पर ध्यान ही नही दे रहे जो पत्रकारिता करने वाले लोगों के लिए बेहद चिंतनीय है। पत्रकारों का मान- सम्मान भी उसके समाचारों से ही जुड़ा होता है।आज देश मे तमाम वेव पोर्टल व यूट्यूब चैनल चल रहे है आये दिन इनके समाचारों पर प्रश्नचिन्ह लगते हुए दिखते है जो पत्रकारिता के लिए घातक है।यह बात आज़ वेवीनार के दौरान पत्रकारों की संस्था जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंड़िया (रजि0) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग सक्सेना ने कही।

उन्होने कहा कि पत्रकारिता करने वाले लोगों का पहला नियम है कि कभी भी एकपक्षीय पत्रकारिता न करे पत्रकार को चाहिए कि समाचार लिखने या दिखाने से पूर्व दूसरे पक्ष को भी जाने।इससे समाचारों की विश्वसनीयता हमेशा बनी रहती है और पत्रकार अपने समाचारों में मान-हानि के दावे से भी हमेशा बचे रहते है।कभी भी पत्रकार एकपक्षीय पत्रकारिता न करे हमेशा दूसरा पक्ष भी ध्यान में रखे।

उन्होने वेबनार पर वरिष्ठ पत्रकार राजू चारण के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आज देश मे पत्रकारों पर बढ़ रहे हमले भी पत्रकारिता के लिए बेहद चिंतनीय बात है और मौजूदा सरकार का इस ओर ध्यान न देना निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के लिए घातक है अब केवल पत्रकारों की एकजुटता ही उन्हे सुरक्षित कर सकती है इसके लिए यदि किसी पीड़ित पत्रकार की समस्या उनके संज्ञान मे आती है तो पत्रकार साथी प्रमुखता से उसे अपने समाचार पत्रों, न्यूज पोर्टल व चैनलों मे स्थान दे और अन्य पत्रकार साथियों को भी इसके लिए ज्यादा से ज्यादा प्रेरित करे।इससे पीडित पत्रकार की समस्या जल्द ही उच्च अधिकारियों के संज्ञान मे आ जायेगी और उसका निराकरण भी त्वरित हो जायेगा।आज निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के लिए पत्रकारों का एकजुट होना बहुत ही आवश्यक है।

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