बाड़मेर/राजस्थान- जोधपुर सम्भाग के नकल गिरोह माफियाओं द्वारा आजकल जगह जगह पर कोचिंग सेंटरों को चलाने वाले ज्यादातर सरकारी अधिकारियों ओर कर्मचारियों के आशीर्वाद से ही सरकारी नौकरियां देने के नाम पर बेरोजगारों को जमकर लूटा जा रहा है ओर जिला प्रशासन की नाक के नीचे ही सबकुछ होता है, कोई रोक टोक नहीं होती है कारण सभी अपने मिलने वालें है भाई साहब……. ऐसा ही चलता रहा तो फिर बिल्ली को ही दूध की रखवाली देना चरितार्थ हो रहा हैl
रीट भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली के बाद अब पटवारी भर्ती परीक्षा चौथे चरण को लेकर भी बीजेपी ने सरकार को आड़े हाथ लिया है l बीजेपी प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने कहा पटवारी परीक्षा में हुई धांधली को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थी जयपुर में धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी सुनवाई जानबूझकर् नहीं कर रही है रामलाल शर्मा ने कहा कि अगर पटवारी परीक्षा में धांधली हुई है तो सरकार को धांधली करने वाले नकल गिरोह माफियाओं के खिलाफ आवश्यक रूप से कार्रवाई करनी चाहिए l
उन्होने कहा पटवारी भर्ती परीक्षा में धांधली करने का मुख्य सरगना को एसओजी द्वारा गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन एसओजी टीम ने इसका खुलासा नहीं किया कि उसके पास पेपर कहां से आया और किसने उपलब्ध कराया पेपर आउट हुआ या नहीं हुआ, यह खुलासा भी प्रदेश की जनता के सामने होना चाहिए l
पिछले दिनों ही राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी ने जोधपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ा बयान दिया हैं, उन्होंने कहा कि हमारे देश मे जब तक बेरोजगारी का मसला हल नहीं होगा, तब तक सरकारी नौकरियां में भर्ती वाली परिक्षाओं जैसे पेपर लीक होते रहेंगे, चाहे सरकार द्वारा सजा में मृत्युदंड का ही प्रावधान क्यों न लागू कर दिया जाए l मुख्य न्यायाधीश नारी निकेतन परिसर स्थित बाल परामर्श एवं कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्र के लोकार्पण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे ओर अपने रिटायरमेंट के कुछ दिन पहले ही जोधपुर में मंच से सीजे ने यह बयान जारी किया है l सीजे ने अपने संबोधन से पहले रिस्ट्रिक्शन का जिक्र करते हुए कहा कि राजनेताओं को यह सुविधा है, लेकिन जुडिशरी के लिए कई नियम लागू होता हैं l
उन्होंने कहा कि आज-कल रीट के पेपर लीक होने की चर्चाएं हो रही है, बहुत मंथन किया जा रहा है. इससे जुड़ा मसला हमारे कोर्ट में भी आया था.आगे से ऐसा न हो, इसके लिए हम बहुत सख्त सजा का प्रावधान करने जा रहे हैं. कोर्ट का मसला था, मैंने कुछ बोलना उचित नहीं समझा. हालांकि, मेरे दिमाग ने कहा था- अब चाहे सरकार मृत्युदंड का प्रावधान ही क्यों न लागू कर दें,नकल गिरोह माफियाओं की सम्पत्ति जब्त कर देगें, रासुका लगाया जाता है लेकिन जब तक बेरोजगारी का मसला हम सुलझा नहीं पाएंगे तो पेपर लीक आगे भी होते रहेंगे l मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आज के इस प्रतिस्पर्धा के दौर में सरकार को बेरोजगारों के लिए रोजगार और आजीविका के नए विकल्प जल्दी ही ढूंढने होंगे ।
– राजस्थान से राजूचारण
